धूमनगंज पुलिस ने कस्टडी रिमांड के लिए सोमवार को अशरफ को न्यायालय में पेश किया। अशरफ के नाम रिवाल्वर का लाइसेंस था। लाइसेंस निरस्त होने के बाद भी अशरफ ने शस्त्र नहीं जमा किया है। शस्त्र बरामदगी के लिए पुलिस ने कस्टडी रिमांड की एप्लीकेशन दी थी। अदालत में सुनवाई के बाद 8 जुलाई को अगली तारीख लगाई गई है।
अतीक परिवार के पास नौ लाइसेंसी असलहे थे। अधिकारियों ने सभी असलहों के लाइसेंस निरस्त कर दिए थे। पांच असलहों को जमा कर दिया गया था जबकि चार अभी तक जमा नहीं है। इन चार असलहों में से एक रिवाल्वर अशरफ का है। फरार होने के बाद से उसके रिवाल्वर का कुछ पता नहीं चला था। शुक्रवार को जब वह पकड़ा गया तो भी उसने रिवाल्वर के बारे में कुछ नहीं बताया।
उसका कहना था कि जब वह फरार हुआ। वह अपने साथ कोई असलहा लेकर नहीं गया था। धूमनगंज पुलिस ने रिवाल्वर की बरामदगी के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड की अर्जी दी थी। सोमवार की दोपहर अशरफ को न्यायालय में पेश किया गया। हालांकि अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई तक के लिए मुल्तवी कर दी। इंस्पेक्टर धूमनगंज शमशेर बहादुर सिंह ने बताया अशरफ को कस्टडी रिमांड पर लेकर रिवाल्वर बरामद कराया जाएगा। उसने रिवाल्वर अगर कहीं छुपा कर रखा है या किसी को दे दिया है तो उसके खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई करेगी।
अशरफ के रिश्तेदारों की निगरानी के लिए लगाई गई पुलिस टीम
अशरफ के ससुराल वालों तथा उसके करीबी रिश्तेदारों की निगरानी के लिए पुलिस ने एक विशेष टीम लगाई है। टीम इस बात की भी जांच करेगी कि उसके रिश्तेदारों और करीबियों ने अतीक और अशरफ का नाम लेकर कितनी संपत्ति बनाई है। उनके खिलाफ अब तक दर्ज मुकदमों के बारे में भी अधिकारियों ने पूरी पत्रावली तलब की है।