इसके अलावा रामबाग में भी करीब चार घंटे तक बिजली गुल रही। दिनभर परेशान उपभोक्ता उपकेंद्र में फोन लगाते रहे, लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं मिल सकी। उपखंड अधिकारी ने बताया कि फाल्ट से आपूर्ति प्रभावित थी। करीब दो घंटे के बाद आपूर्ति बहाल कर दी गई।
मलाकराज के अंकित राज और आजादनगर के आशुतोष ने बताया कि बिजली की ट्रिपिंग कई दिनों से जारी है। गर्मी में रामबाग की विद्युत आपूर्ति हमेशा ही बेपटरी रहती है। विभाग की ओर से पूरे वर्ष काम चलता है, फिर भी आपूर्ति सुचारू रूप से नहीं चल पाती है।
बढ़ गई फाल्ट की घटनाएं
अप्रैल में ही भीषण गर्मी पड़ने लगी है। इससे बिजली की मांग में भी प्रतिदिन 10-15 मेगावाट की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। विभाग के कंट्रोल रूम और स्टोर रूम के कर्मचारियों के मुताबिक फाल्ट की संख्या में भी प्रतिदिन इजाफा हो रहा है। मौजूद समय में हर दिन आठ से दस बड़े फाल्ट शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में हो रहे हैं।
ट्रांसफॉर्मर से झुलसा विद्युत कर्मचारी
बृहस्पतिवार की रात करीब साढ़े 12 बजे खुसरोबाग उपकेंद्र का एक विद्युतकर्मी ट्रांसफॉर्मर की आग से झुलस गया। कॉल्विन अस्पताल परिसर के बाहर लगे 400 केवीए के ट्रांसफॉर्मर से झुलसे विद्युत कर्मचारी ताज को एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपखंड अधिकारी बहादुर सिंह ने बताया कि उपकेंद्र में कोई भी शिकायत नहीं आई थी। लाइनमैन भी उस वक्त कर्मचारी के साथ मौजूद नहीं था।
बिना शटडाउन लिए चलती लाइन पर कर्मचारी ट्रांसफॉर्मर के पास कैसे गया इसकी जानकारी नहीं है। उधर, मेडिकल अस्पताल के बर्न विभाग के अध्यक्ष डॉ.मोहित जैन ने बताया कि आग से करीब 40 प्रतिशत शरीर झुलसा है। कर्मचारी की हालत स्थिर है।