इलाहाबाद हाईकोर्ट में सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खां से जुड़े दो पैन कार्ड मामले में बुधवार को सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकल पीठ के समक्ष आजम खां की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने ढाई घंटे तक पक्ष रखा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खां से जुड़े दो पैन कार्ड मामले में बुधवार को सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकल पीठ के समक्ष आजम खां की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने ढाई घंटे तक पक्ष रखा। सुनवाई बृहस्पतिवार को भी जारी रहेगी। राज्य सरकार की ओर से दलीलें पेश की जाएंगी।
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आजम की ओर से दलील दी गई कि वह काफी समय जेल में बिता चुके हैं। उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी के तहत आपराधिक साजिश के आरोप में गलत तरीके से फंसाया गया है। मामले में साजिश में उनकी भूमिका का कोई सबूत नहीं है। आजम ने अपनी दोषसिद्धि और दस साल की सजा को चुनौती देते हुए आपराधिक पुनरीक्षण याचिका दाखिल की है। वहीं, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम ने भी सात साल की सजा के खिलाफ अलग याचिका दायर की है।
रामपुर की अदालत ने आजम की सजा सात साल से बढ़ाकर 10 साल कर दी थी। दूसरी ओर, राज्य सरकार ने भी दोनों की सजा बढ़ाने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की है। सरकार ने ट्रायल कोर्ट की ओर से सुनाई गई सजा को आजीवन कारावास में बदलने की मांग की है। हाईकोर्ट ने 25 सितंबर को आजम खां और अब्दुल्ला आजम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। शिकायतकर्ता भाजपा विधायक आकाश सक्सेना और नावेद मियां खां को भी अपना पक्ष रखने का समय दिया गया है। हाईकोर्ट तीनों याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर रहा है।