अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया में 435 अभ्यर्थी ही शामिल हुए थे और आयोग ने सितंबर-2023 में 433 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की संस्तुति से संबंधित फाइलें माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को भेज दीं थीं। पांच माह से अभ्यर्थी नियुक्ति पत्र जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। इसके लिए अभ्यर्थियाें ने कई बार निदेशालय में ज्ञापन भी दिया लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
अभ्यर्थियों का कहना है कि एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती-2018 में उनसे पहले चयनित अभ्यर्थियों को काफी पहले नियुक्ति मिल चुकी है जबकि परीक्षा सभी ने एक साथ दी थी। नियुक्ति में जितनी देर होगी, अभ्यर्थी को उतना ही आर्थिक नुकसान होगा। नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थी अपने ही साथ परीक्षा देने वाले उन अभ्यर्थियाें से जूनियर हो गए हैं, जो पहले नियुक्ति पा चुके हैं।
देर से नियुक्ति मिलने के कारण इंक्रीमेंट और प्रमोशन पर असर पड़ेगा। पहले नियुक्त हो चुके अभ्यर्थियों के मुकाबले वेतन भी कम होगा। इसका असर पेंशन पर भी पड़ेगा। अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षा निदेशालय ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि एलटी ग्रेड शिक्षक के 433 पदों चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र कब तक दिए जाएंगे।