सहायक अभियोजन अधिकारी (एपीओ) मुख्य परीक्षा-2022 के तहत 19 अभ्यर्थियों के प्रत्यावेदनों पर विचार करने के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने उनके आवेदन निरस्त कर दिए हैं। मुख्य परीक्षा नौ एवं 10 जनवरी को लखनऊ एवं प्रयागराज के विभिन्न केंद्रों में प्रस्तावित है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने 23 दिसंबर को एपीओ मुख्य परीक्षा 2022 के 30 अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त कर दिए थे। साथ ही अभ्यर्थियों के रोल नंबर के साथ आवेदन पत्र निरस्त करने का कारण भी स्पष्ट किया था। निरस्तीकरण के खिलाफ प्रभावित अभ्यर्थियों से दो जनवरी को शाम पांच बजे तक आयोग सचिव के नाम अपीलीय प्रत्यावेदन मांगे गए थे।
निरस्त आवेदन पत्रों में 11 ऐसे अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र थे, जिन्होंने निर्धारित तिथि तक आयोग में फॉर्म जमा नहीं किए थे। सात अभ्यर्थी ऐसे थे जो निर्धारित दिव्यांग वर्ग के नहीं थे जबकि चार ऐसे अभ्यर्थी थे जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित होने का दावा किया, लेकिन प्रमाणपत्र नहीं दे सके। वहीं, एक-एक अभ्यर्थी ने एसटी एवं ईडब्ल्यूएस वर्ग का होने का दावा किया था, लेकिन प्रमाणपत्र नहीं दे सके।
तीन अभ्यर्थी ऐसे थे, जिन्होंने मुख्य परीक्षा की जगह प्रारंभिक परीक्षा के आवेदन पत्र जमा कर दिए थे। दो अभ्यर्थियों की जन्मतिथि सही नहीं थी और एक अभ्यर्थी ने वांछित अर्हता अंतिम तिथि के बाद हासिल की थी। आयोग के अनुसचिव ओंकार नाथ सिंह के अनुसार 19 अभ्यर्थियों के प्रत्यावेदन पर आयोग की ओर से विचार किया गया। 19 अभ्यर्थियों के अपीलीय प्रत्यावेदन में कोई नया तथ्य न होने के कारण बलहीन हैं, इसलिए उन्हें निक्षेपित किया जाता है।