इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। आठ पाठ्यक्रमों में सीटों से कम आवेदन आए हैं। इनमें से दो पाठ्यक्रम इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज (आईपीएस) के हैं और बाकी छह व्यावसायिक पाठ्यक्रम पीजीएटी-2 के हैं। सीटों से कम आवेदन आने के कारण इनमें प्रवेश के लिए अब परीक्षा नहीं होगी। इसके बाद भी 78 सीटें खाली रह जाएंगी। इनमें आईपीएस की 32 एवं पीजीएटी-2 की 46 सीटें शामिल हैं। एक अन्य पाठ्यक्रम में पीएचडी के लिए भी सीटों से कम आवेदन आए हैं, लेकिन यूजीसी के नियमों के तहत इसमें प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी होगी।
आईपीएस के तहत दो पाठ्यक्रमों में 100 सीटों पर प्रवेश होना है, लेकिन इन दोनों पाठ्यक्रमों में आवेदनों की संख्या महज 68 है। यानी दोनों पाठ्यक्रमों में 32 सीटें खाली रह जाएंगी। इनमें एमवोक इन फैशन डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी और पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन कंप्यूटर अप्लीकेशंस पाठ्यक्रम शामिल हैं। इन दोनों अलग-अलग पाठ्यक्रम की बात करें तो इनमें क्रमश: 23 एवं नौ सीटें खाली रह जाएंगी। वहीं, पीजीएटी-2 के तहत छह अन्य व्यावसायिक कार्यक्रमों में भी सीटों से कम संख्या में आवेदन आए हैं।
आवेदनों की संख्या इतनी कम है कि पीजीएटी-2 के व्यावसायिक पाठ्यक्रम में एमए इन फिल्म थियेटर में पांच सीटें, एमए वूमेन स्टडीज में तीन, एमएससी इन बायोइंफॉर्मेटिक्स में सात, एमएससी इन डिजाइन एंड इनोवेशन इन रूरल टेक्नोलॉजी में 13, एमएससी इन मैटेरियल साइंस में 12 और मास्टर इन डेवलेपमेंट स्टडीज में छह सीटें खाली रह जाएंगी। इन सभी पाठ्यक्रमों में बिना परीक्षा के प्रवेश लिए जाएंगे। वहीं, मैटेरियल साइंस एंड एलाइड सब्जेक्ट में पीएचडी की 12 सीटों के मुकाबले महज नौ आवेदन आए हैं। हालांकि पीएचडी में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को यूजीसी के नियमों के तहत परीक्षा देनी होगी।
पाठ्यक्रम - आवेदन - सीटें
एमवोक इन फैशल डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी - 17 - 40
पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन कंप्यूटर अप्लीकेशन - 51 - 60
एमए इन फिल्म थियेटर - 6 -11
एमए इन वूमेन स्टडीज - 15 - 18
एमएससी इन बायोइंफॉर्मेटिक्स - 15 - 22
एमएससी इन डिजाइन एंड इनोवेशन इन रूरल टेक्नोलॉजी - 4 - 17
एमएससी इन मैटेरियल साइंस - 5 - 17
मास्टर इन डेवलपमेंट स्टडीज - 16 - 22