प्रिंट के रूप में आवेदन की हार्डकॉपी सभी संलग्नक के साथ पांच अप्रैल या इससे पहले शाम पांच बजे तक आयोग को पंजीकृत डाक के माध्यम से या व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर डाक अनुभाग के काउंटर (पूछताछ) पर उपलब्ध करानी है। जाति प्रमाणपत्र, ईब्डल्यूएस प्रमाणपत्र, स्वतंत्रता संगम सेनानी के आश्रितों का प्रमाणपत्र एवं दिव्यांगता प्रमाणपत्र आदि के प्रारूप की पीडीएफ फाइल आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
इसके अतिरिक्त आरक्षण के दावे के संबंध में प्रस्तुत अभ्यर्थियों के जाति प्रमाणपत्र डिजिटल प्रारूप में भी स्वीकार किए जाएंगे, लेकिन उसके साथ निवास प्रमाणपत्र जरूरी है। पहले चरण की परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन में श्रेणी/उपश्रेणी/अर्हता आदि के संबंध में दिए गए दावे के समर्थन में समस्त अभिलेख द्वितीय चरण की परीक्षा के आवेदन के साथ संलग्न करने होंगे, अन्यथा अभ्यर्थन स्वत: निरस्त माना जाएगा।
100 अंकों की होगी दूसरे चरण की परीक्षा
द्वितीय चरण की परीक्षा 100 अंकों की होगी और अभ्यर्थियों को डेढ़ घंटे का वक्त मिलेगा। आशुलिपि (हिंदी) 75 अंकों और कंप्यूटर टाइप परीक्षा 25 अंकों की होगी। आशुलिपि कौशल एवं टंकण परीक्षा के लिए क्रुति देव फॉन्ट के साथ मंगल फॉन्ट का विकल्प भी दिया जाएगा। पहले और दूसरे चरण की परीक्षा में न्यूनतम मानकों पर जो अभ्यर्थी सफल होंगे, वही तृतीय चरण की परीक्षा में शामिल होंगे। तीसरे चरण में कंप्यूटर प्रैक्टिकल 50 अंकों का होगा और इसके लिए अभ्यर्थियों को एक घंटे का वक्त मिलेगा। तीनों चरणों की परीक्षा के अंकों को जोड़कर श्रेष्ठता के आधार पर चयन किया जाएगा।
14 साल से नहीं हुई एपीएस के पदों पर भर्ती
एपीएस के पदों पर 14 साल से भर्ती नहीं हुई है। आयोग ने वर्ष 2010 में एपीएस भर्ती का विज्ञापन जारी किया था, जिसके चयनितों को नियुक्ति मिल चुकी है। इसके बाद वर्ष 2013 में एपीएस भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया था, लेकिन विवाद के कारण यह परीक्षा बीच में ही निरस्त कर दी गई और भर्ती प्रक्रिया अब तक लंबित है।