इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) और संघटक कॉलेजों में प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कुल एक लाख 14 हजार 940 आवेदन आए हैं लेकिन विश्वविद्यालय में परास्नातक स्तर पर पांच व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में आवेदनों की संख्या सीटों से भी कम है। ऐसे में इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अब परीक्षा की जरूरत नहीं पड़ेगी। बिना परीक्षा के पांचों व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लिए जाएंगे।
इविवि में परास्नातक में दो प्रकार के पाठ्यक्रम हैं। पीजीएटी-1 में परंपरागत पाठ्यक्रम शामिल है जबकि पीजीएटी-2 में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है। पीजीएटी-2 में पांच पाठ्यक्रम ऐसे हैं, जिनमें प्रवेश के लिए सीटों की संख्या से भी कम आवेदन आए हैं। इनमें एमएससी मैटेरियल साइंस, एमएससी डिजाइन एंड इनोवेशन इन रूरल टेक्नोलॉजी, एमएससी बायोइंफॉर्मेटिक्स, मास्टर इन डेवलपमेंट स्टीडीज और मास्टर इन वूमेन स्टडीज पाठ्यक्रम शामिल हैं। इन पांचों व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आए आवेदनों की संख्या सीटों से काफी कम है। स्थिति यह है कि इन पाठ्यक्रमों की कई सीटें खाली रह जाएंगी। हालांकि पूर्व के वर्षों में भी कुछ व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की यही स्थित रही, जहां आवेदन की संख्या सीटों की संख्या से कम थी और इसी वजह से कई व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की सीटें खाली रह गईं।