इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारत नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपियों को 10 साल की कैद व एक लाख रुपये जुर्माने की सजा के खिलाफ अपील पर हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने सत्र न्यायालय सिद्धार्थ नगर द्वारा सुनाई गई सजा को बरकरार रखा है। यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल ने सीताराम,बलदेव कुमार व एक अन्य की अपीलों पर दिया है।
आरोपियों को पुलिस ने एक मारूती स्विफ्ट कार में कृष्णानगर नेपाल से बढनी बैरियर क्रास के पास गिरफ्तार किया था। वहां तैनात इंसपेक्टर ने एस पी को सूचना दी ।तलाशी में 19 पैकेट 9670 ग्राम चरस बरामद हुआ ।
प्रयोगशाला जांच में भी बरामद माल चरस पाया गया।दो स्वतंत्र गवाहों के सामने सारी कार्यवाही की गई।कार का ड्राइवर बलदेव ठाकुर,सीताराम व अश्विनी प्रसाद कार में बैठे थे।उनकी भी तलाशी ली गई।नियमानुसार कार्यवाही के बाद एफ आई आर दर्ज कराई गई और चार्जशीट दाखिल की। अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। जिसे अपील मे चुनौती दी गई थी।