Apllied mcac math dispute in highourt of allahahad
चयन बोर्ड ने एप्लाइड मैथ वालों को साक्षात्कार से बाहर किया
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड से जानकारी मांगी है कि क्या एप्लाइड मैथमेटिक्स की डिग्री, एमएससी मैथमेटिक्स के समकक्ष है या नहीं। इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में कई अभ्यर्थियों ने याचिकाएं दाखिल की हैं। याचिका पर न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी सुनवाई कर रहे हैं।
याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह के मुताबिक चयन बोर्ड ने अशासकीय मान्यता प्राप्त इंटर कॉलेजों में प्रवक्ता गणित के 59 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। याचीगण ने आवेदन किया व लिखित परीक्षा में सफल हुए। उनको साक्षात्कार के लिए बुला लिया गया, मगर उनको यह कहते हुए साक्षात्कार में शामिल नहीं किया गया कि उनके पास निर्धारित योग्यता नहीं है। क्योंकि पद के लिए गणित में एमएससी या समकक्ष स्नातकोत्तर की डिग्री होना अनिवार्य है।
याचीगण के पास आईआईटी रुड़की और रुहेलखंड विश्वविद्यालय से एप्लाइड मैथमेटिक्स की डिग्री थी। अधिवक्ता का कहना था कि एप्लाइड मैथमेटिक्स एमएससी मैथमेटिक्स के समकक्ष है। आईआईटी रुड़की और रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने भी ऐसा प्रमाणपत्र दिया है कि दोनों डिग्रियां समकक्ष हैं। इसके अलावा एक मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने विशेषज्ञ समिति के गठन के बाद यह तय किया कि एप्लाइड मैथमेटिक्स और एमएससी मैथमेटिक्स की डिग्रियां समकक्ष हैं। इसके बावजूद चयन बोर्ड ने याचीगण को चयन देने से इनकार कर दिया। आलोक कुमार व अन्य की ओर से दाखिल याचिका पर कोर्ट ने एक सप्ताह जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।