अपहरण के आरोपी किशोर के अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को मंजूर करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विपक्षियों को नोटिस जारी करते हुए तीन सप्ताह में जबाब दाखिल करने का आदेश दिया है। यह आदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति दीपक वर्मा ने नाबालिग लड़की के अपहरण में आरोपी किशोर की अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र की सुनवाई करते हुए दिया।
मामला संभल जिले के थाना गुन्नौर का है। जहॉ नाबालिग लडकी के पिता ने 12 मार्च को प्राथमिकी दर्ज कराते हुए अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण के आरोप में किशोर को नामजद किया था। निचली अदालत ने किशोर की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया था। जिसके खिलाफ आरोपित किशोर ने उच्च न्यायालय की शरण ली।
याची किशोर के अधिवक्ता का कहना था कि आरोपी स्वयं नाबालिग है। पीड़िता ने अपने 161 और 164 सीआरपीसी के बयान में स्वीकार किया है कि पीड़िता अपनी मर्जी से आरोपी किशोर के साथ दिल्ली गई। इसके अलावा किसी प्रकार का आरोप नहीं लगाया है।
याची अधिावक्ता और अपर शासकीय अधिवक्ता को सुनने के बाद न्यायालय ने अगली सुनवाई तक आरोपित किशोर की अग्रिम जमानत मंजूर कर ली और राज्य सरकार और शिकायतकर्ता को तीन सप्ताह में जबाब दाखिल करने का समय देते हुए सुनवाई की अगली तिथि 23 अगस्त नियत कर दी।