इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डेयरी नियंत्रण कानून को कड़ाई से लागू करने तथा जानवरों को डेयरी मे ही रखने की मांग में दाखिल जनहित याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है ।
यह आदेश न्यायमूर्ति शशिकान्त गुप्ता तथा न्यायमूर्ति शमीम अहमद की खंडपीठ ने फेडरेशन आफ इंडियन एनीमल प्रोटेक्शन संगठन की जनहित याचिका पर दिया है।
याची का कहना है कि सभी जीवों को जीने व कानून की सुरक्षा पाने का अधिकार है। किन्तु प्रदेश की डेयरियों की बदतर हालत है।राज्य डेयरियो की सही प्रबंधन नहीं किया जा रहा है। जिससे दूध की गुणवत्ता में कमी एवं पर्यावरण में प्रदूषण फैल रहा है जानवरों के आराम करने के,स्थान की कमी है।
याची का कहना है कि डेयरी कानून कड़ाई से पालन किया जाए।पालन न करने से जानवरों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। बूढे एवं बच्चों के बेहतर प्रबंधन की व्यवस्था की जाए।याचिका की सुनवाई तीनअक्तूबर को होगी।