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Umesh Pal Murder Case: उसी दिन लिया उमेश को घर पर मारने का फैसला, 24 को पहली सूचना शजर ने दी तो आखिरी नियाज ने

Thu, 23 Mar 2023 10:59 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

उमेश पाल को उनके घर पर ही मारा जाएगा, इसका निर्णय उसी दिन लिया गया। नियाज ने जब बताया कि उमेश अपने घर के लिए चल दिया है तो वहां पहले से मौजूद विजय चौधरी उर्फ उस्मान और गुलाम सक्रिय हो गए। जैसे ही उमेश की कार रुकी, हमला कर दिया।
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Umesh Pal Hatyakand - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्व विधायक राजू पाल की हत्या के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या के मामले में एक और नया खुलासा हुआ है। माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ की अगुवाई में उमेश की हत्या का खाका बरेली जेल में 11 फरवरी को खींचा गया। असद, गुलाम, गुड्डू मुस्लिम और विजय चौधरी उर्फ उस्मान समेत अन्य गुर्गे जेल में मीटिंग के बाद 12 फरवरी को वापस आए। 
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शूटरों ने उमेश की हत्या की पहली कोशिश 15 फरवरी और दूसरा प्रयास 21 फरवरी को किया था, लेकिन सफल नहीं हो पाए। 24 फरवरी को उमेश की हत्या कर दी थी। सामने आया है कि 13 फरवरी से रोजाना रेकी हुई थी। तीसरी कोशिश में उमेश को मारा गया। 

24 को पहली सूचना शजर ने दी, आखिरी नियाज ने
24 फरवरी को जब उमेश पाल घर से निकला तो उसके पड़ोसी मो. शजर ने असद को पहली सूचना दी कि उमेश घर से निकल गया। उसके साथ दो सिपाही और ड्राइवर भी है। इसके बाद नियाज उसकी गाड़ी के पीछे पीछे लग गया। कचहरी में अरशद कटरा भी उमेश की गतिविधियों पर नजर रखे था। वहां काफी भीड़ थी। 
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उमेश के साथ अधिवक्ता भी मौजूद थे। वह ज्यादातर समय कोर्ट में ही था। जब शाम को उमेश वापस लौटने लगा तो नियाज ने लगातार सूचना देनी शुरू की। वह किस रास्ते पर है, कब मुड़ा। अब किस चौराहे पर पहुंचा। अंतिम कॉल भी नियाज की थी कि उमेश अब घर पहुंचने वाला है। इसके बाद शूटर अलर्ट हो गए।

उसी दिन लिया गया घर पर मारने का निर्णय
उमेश पाल को उनके घर पर ही मारा जाएगा, इसका निर्णय उसी दिन लिया गया। नियाज ने जब बताया कि उमेश अपने घर के लिए चल दिया है तो वहां पहले से मौजूद विजय चौधरी उर्फ उस्मान और गुलाम सक्रिय हो गए। गुलाम घर की गली के बगल में एक दुकान पर मोलभाव करने लगा तो उस्मान सब्जी खरीदने लगा। गुड्डू और अरमान बाइक से उमेश का पीछा कर रहे थे। असद और साबिर क्रेटा कार से उमेश के ठीक पीछे चल रहे थे। जैसे ही उमेश की कार रुकी, सबने मिलकर हमला कर दिया।

किसान यूनियन से भी जुड़ा था नियाज, कई आंदोलनों में दिखा था
उमेश पाल हत्याकांड में रेकी के आरोप में पकड़ा गया नियाज अहमद किसान यूनियन से जुड़ा था। यूनियन के कई आंदोलनों में वह दिखता था।

शहर के कई इलाकों में ताबड़तोड़ दबिश, 15 युवक उठाए गए
अतीक के पांच गुर्गों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस एक बार फिर सक्रिय हुई है। मंगलवार की रात से लेकर बुधवार सुबह तक शहर के कई इलाकों में ताबड़तोड़ दबिश देकर 15 युवकों को पकड़ा गया है। माना जा रहा है कि रेकी करने वाले बदमाशों से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है।

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पुलिस ने मंगलवार को नियाज अहमद, मो. सजर, अरशद कटरा के साथ साथ गैंग के असलहे और कैश छिपाने वाले कैश अहमद और राकेश उर्फ लाला को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की थी। पूछताछ के बाद पुलिस ने मंगलवार की रात से लेकर बुधवार तक चकिया, धूमनगंज, हरवारा, राजरूपपुर, मरियाडीह, असरौली, असरावल, करेली और शाहगंज इलाकों में दबिश देकर 15 युवकों को उठाया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इन लोगों ने शूटरों और रेकी करने वालों की कहीं न कहीं मदद की है। 

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अतीक के ड्राइवर-मुंशी समेत पांचों गुर्गों को भेजा गया जेल

माफिया अतीक के पांच गुर्गों को बुधवार को जेल भेज दिया गया। इससे पहले पुलिस ने अतीक के ड्राइवर-मुंशी समेत सभी गुर्गों को सीजेएम की अदालत में पेश किया। अदालत ने पांचों को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया। 

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गुर्गों की निशानदेही पर 74 लाख से ज्यादा नकदी व असलहे पकड़े गए थे

पुलिस ने मंगलवार को पांचों आरोपियों को धूमनगंज के जयरामपुर के पास से गिरफ्तार करते हुए उनके पास से दो लाख 25 हजार बरामद किए थे। बाद में उनकी निशानदेही पर अतीक के करबला स्थित कार्यालय से साढ़े 74 लाख रुपये, दस असलहे और 112 कारतूस बरामद किए गए थे।
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