तीन सप्ताह में प्रधानाचार्य भर्ती का परिणाम घोषित करें
0 वित्त पोषित इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्यों की भर्ती को लेकर अवमानना याचिका
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को निर्देश दिया है कि वह प्रधानाचार्यों की भर्ती की लंबित प्रक्रिया को पूरा कर तीन सप्ताह में परिणाम घोषित करें। कोर्ट ने याचिका में चयन बोर्ड के सचिव नवल किशोर को भी पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है। याचिका पर सुनवाई 30 जुलाई को होगी। मेघराज सिंह और अन्य की अवमानना याचिका पर न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी सुनवाई कर रहे हैं।
याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि 27 जून 2011 को 904 प्रधानाचार्यों के पदों पर नियुक्ति हेतु विज्ञापन जारी किया गया था। इसके तहत चयन बोर्ड ने प्रक्रिया प्रारंभ की। मगर प्रधानाचार्यों का साक्षात्कार ले रहे बोर्ड सदस्यों की योग्यता को लेकर सवाल उठ गया। कहा गया कि जो सदस्य साक्षात्कार ले रहे हैं वह प्रधानाचार्य से कम योग्यता के लोग हैं। इसे लेकर दाखिल याचिका पर कोर्ट ने चयन प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।
बाद में कोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए जिन मंडलों के साक्षात्कार हो चुके हैं उनके परिणाम घोषित करने का निर्देश दिया। नौ मंडलों के साक्षात्कार पूरे हो चुके थे और सात मंडलों का बाकी था। जिसे बाद में सरकार ने यह कहते हुए रोक दिया कि अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए 21 दिन का समय नहीं मिला है। सभी मंडलों का परिणाम एक साथ घोषित करने को लेकर अवमानना याचिका दाखिल हुई। सरकारी वकील ने बताया कि साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी कर शीघ्र ही परिणाम घोषित किया जाएगा। इस कोर्ट ने तीन सप्ताह में सात मंडलों का परिणाम घोषित करने का आदेश दिया है। शेष नौ मंडलों के परिणाम घोषित करने को लेकर जानकारी मांगी है। याचिका पर 30 जुलाई को सुनवाई होगी।