माता-पिता की डांट से नाराज होकर अपना घर छोड़कर भागी एक नाबालिग बेटी शनिवार को प्रयागराज जंक्शन पहुंच गई। वह प्रयागराज से मुंबई जाने वाली ट्रेन का इंतजार कर रही थी। जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर संदिग्ध अवस्था में उसे बैठा देखकर आरपीएफ की एसआई रितु शर्मा ने जब उससे वहां बैठने की वजह पूछी तो वह रोने लगी। रोते हुए उसने बताया कि मम्मी-पापा के डांटने की वजह से ही वह घर छोड़कर मुंबई जा रही थी।
नाबालिग लड़की सुधा (परिवर्तित नाम) को रितु और एसआई अमित द्विवेदी समझा बुझाकर आरपीएफ पोस्ट ले आए। बातचीत में उसने बताया कि वह कौशांबी जिले के करारी थाना क्षेत्र की निवासी है। कहा कि उसके मम्मी-पापा उसे बहुत डांटते हैं। इसी वजह से वह नाराज होकर घर से अकेले भाग आई। कहा कि प्रयागराज से मुंबई या दिल्ली जाना चाह रही थी। आरपीएफ ने सुधा से घर वालों का नंबर लेकर उन्हें सूचित किया। इस बीच चाइल्ड लाइन को भी इसकी खबर दी। बाद में लिखापढ़ी के बाद चाइल्ड लाइन के दीपक पटेल और प्रीति सिंह उसे अपने साथ ले गए।
हालांकि शाम को लड़की के परिजन उसे अपने साथ ले गए। इसके पूर्व शुक्रवार को भी प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक प्रतापगढ़ की एक और नाबालिग लड़की आरपीएफ की रितु और अमित द्विवेदी को मिली थी। उस लड़की ने भी आरपीएफ टीम को बताया कि उसकी मम्मी उसे बहुत मारती है। इसलिए वह मुंबई में अपनी मौसी के पास जा रही है। पूछताछ में उसने अपना नाम शिवानी (परिवर्तित नाम ) थाना जेठवारा जिला प्रतापगढ़ बताया।शिवानी को भी लिखापढ़ी के बाद चाइल्ड लाइन का सुपुर्द कर दिया गया। इसके अलावा जेठवारा थाने के एसओ को भी इसकी सूचना दी गई।