विहिप हिंदू परिषद विधि प्रकोष्ठ के संयोजक और हाईकोर्ट के अधिवक्ता अरविंद कुमार भारद्वाज ने कहा कि मौलाना का बयान सनातन धर्म और धार्मिक भावनाओं व आस्था को ठेस पहुंचाने व आहत करने वाला है, जबकि प्रज्ञा की पावन भूमि पर या कुंभ मेला आदिकाल से चला आ रहा है। वेद और पुराण इसके साक्षी हैं। विदेशी यात्रियों ने चंद्रगुप्त मौर्य के समय 302 ईसा पूर्व यूनानी यात्री मेगास्थनीज ने अपनी किताब इंडिका में इस मेले का वर्णन किया है।
इसी प्रकार चीनी यात्री फाह्यान ने 399 से 411 ईसा पूर्व ई अपने यात्रा वर्णन में कुंभ मेले का वर्णन किया है। 606 ईस्वी से 6470 तक कुंभ मेले में आने एवं संपत्ति दान का वर्णन महाराजा हर्षवर्धन का भी मिलता है। इस मौके पर बृजेश प्रताप सिंह, जयराज सिंह तोमर, ओम प्रकाश सिंह, कविता तोमर, अखिलेश शुक्ला, विनय पांडे, अमरेश तिवारी, वीरेंद्र सिंह राजभर, डी त्रिपाठी, राजन शर्मा, शिव गोपाल सिंह, राम आधार, जितेंद्र पाल सिंह जादौन आदि रहे।