इलाके के उरनाह गांव में मंगलवार आधी रात बाद अराजकतत्वों ने दो पशुपालकों के पांच छप्परों को आग के हवाले कर दिया। आग से चार मवेशी झुलस गए। जिसमें एक मवेशी की मौत हो गई। मवेशियों की रखवाली के लिए छप्पर में सोए पशुपालक राजीव कांत यादव ने कई मवेशियों को बाहर कर दिया लेकिन तीन मवेशी झुलस गए। झुलसे मवेशियों का इलाज चल रहा है। आग से कई क्विंटल खाद्यान्न जल गया।
उरनाह गांव के पशुपालक राजीवकांत यादव और सुमन यादव ने घर से 30 मीटर दूर मवेशियों के लिए पांच छप्पर बना रखा था। मवेशियों की रखवाली के लिए पशुपालक राजीवकांत यादव छप्पर में सोए थे। आधी रात बाद अराजकतत्वों ने पांचों छप्परों में आग लगा दी। इस बीच पशुपालक को आग लगने की आहट आई तो वह उठकर छप्पर में बंधे मवेशियों को बाहर करने लगे लेकिन तीन मवेशी झुलस गए। इस दौरान एक अन्य मवेशी की मौत हो गई।
पुशपालकों ने बताया कि छप्पर में दस क्विटंल धान के अलावा अन्य सामान रखे थे। सब कुछ जलकर राख हो गया। पंप भी जल गया। उरनाह के प्रधान विकास शुक्ला ने मौके पर पहुंचकर पशुपालकों को ढांढ़स बंधाया है। वहीं, तहसील प्रशासन से सहायता की मांग भी की है। जेवनिया चौकी इंचार्ज सुमित त्रिपाठी ने बताया कि मामले में कार्रवाई की जा रही है।
साजिश के तहत छप्पर में आग लगाने का आरोप
पीड़ित पशुपालक राजीवकांत ने कहा कि अराजकतत्वों ने साजिश के तहत छप्पर में आग लगाई है। पशुपालक दूध के कारोबारी हैं। वह एक दर्जन मवेशियों को पालने का काम करते हैं।
बोले अफसर
मेजा के उरनाह में छप्पर में आग लगने से एक मवेशी की झुलसकर मौत हो गई है। वहीं तीन गंभीर हैं। पशुपालक की सूचना पर जांच की जा रही है। घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - संत प्रसाद उपाध्याय एसीपी मेजा।