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Sport : दुनिया के बेहतरीन गोल्फर बनना चाहते हैं अनन्या और रणविजय, पिता को देखकर पैदा हुआ गोल्फ का शौक

Mon, 05 Jun 2023 05:22 PM IST
विनोद सिंह मशाहिद अब्बास, प्रयागराज

सार

कैंट में अभ्यास कर रहे हैं खिलाड़ी दोनों ही खिलाड़ी कैंट के मैदान पर शबी खान से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। ये दोनों खिलाड़ी सबसे कम उम्र के हैं, जो मैदान पर रोजाना गोल्फ का अभ्यास करते हैं। इनसे अधिक उम्र में सभी खिलाड़ी 30 वर्ष के ऊपर के हैं।
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माघ मेला। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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आज के दौर में जहां बच्चे क्रिकेट और फुटबॉल जैसे खेलों के दीवाने हैं। वहीं अनन्या सगने (14) और रणविजय सिंह (13) दुनिया के बेहतरीन गोल्फर बनना चाहते हैं। दोनों ने छोटी सी उम्र में ही राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ी है। फिलहाल इनकी कोशिश प्रोफेशनल लेवल तक पहुंचने की है। क्योंकि प्रोफेशनल लेवल तक पहुंचने वाले खिलाड़ी कई स्पर्धाओं में सीधा हिस्सा ले पाते हैं और प्रायोजक भी मिल जाया करते हैं।

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कैंट में अभ्यास कर रहे हैं खिलाड़ी दोनों ही खिलाड़ी कैंट के मैदान पर शबी खान से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। ये दोनों खिलाड़ी सबसे कम उम्र के हैं, जो मैदान पर रोजाना गोल्फ का अभ्यास करते हैं। इनसे अधिक उम्र में सभी खिलाड़ी 30 वर्ष के ऊपर के हैं।

अभी से लंबा शॉट मारते हैं अनन्या

नागपुर के रहने वाले अनन्या सगने वर्ष 2022 में प्रयागराज आए हैं। इस वक्त प्रयागराज में न्यू कैंट ईपीएस न्यू कैंट  में कक्षा 10 में पढ़ते हैं। अनन्या बताते हैं कि वर्ष 2018 से उन्होंने गोल्फ खेलना शुरू किया। जब उनके पिता कर्नल सगने की पोस्टिंग नेपाल में थी तो वह गोल्फ प्रतियोगिताएं आयोजित कराने में अहम भूमिका निभाते थे। पिता को देखकर ही उन्हें भी गोल्फ का शौक पैदा हुआ।

अनन्या ने गोल्फ में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जूनियर लेवल में टालीगंग में 12वां एवं पांचवां, फोर्ट विलियम में तीसरा और पटना गोल्फ क्लब में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। अनन्या की खासियत है कि वह एक ही बार में 280 यार्ड की दूरी तक शॉट मार लेते हैं।

खेले कई खेल, मगर रणविजय को गोल्फ ही भाया

खेल कई खेले पर रणविजय को गोल्फ ही भाया रणविजय सिंह हरियाणा के रोहतक के रहने वाले हैं। वर्ष 2021 में वह प्रयागराज आए। इस वक्त सिविल लाइंस स्थित रामानुजन पब्लिक स्कूल में कक्षा नौ के छात्र हैं। उन्होंने बताया कि कर्नल पिता के कहने पर गोल्फ खेलना शुरू किया। पहले तो समझने में थोड़ा वक्त लगा, लेकिन जल्द ही उन्हें इस खेल में मजा आने लगा। इससे पहले वह टेनिस के डिस्ट्रिक्ट लेवल प्लेयर रह चुके हैं।

हॉर्स राइडिंग और बास्केटबॉल भी खेला लेकिन गोल्फ ही उन्हें ज्यादा भाया। अब इसी में अपना करियर बनाने की ठान ली। रणविजय ने कोलकाता, आसरीजीसी, जमशेदपुर, टालीगंग और पंचकुला में पदक जीता है। टालीगंग में वह अपनी आयुवर्ग की स्पर्धा में विजेता भी रहे हैं।
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लंबे समय तक चलता है खेल

गोल्फ कोर्स में कुल 18 होल होते हैं। इसका मैदान सात किलोमीटर की दूरी तक फैला होता है। हर होल की दूरी 400 से 500 गज के बीच होती है। खेल खत्म करने में करीब 4 घंटे 15 मिनट लगते हैं। दोनों ही खिलाड़ियों का कहना है कि इस खेल में दिमाग का ज्यादा इस्तेमाल करना होता है। मैदान पर बने होल, वहां की घास, मौसम, हवा का बहाव और शॉट खेलने का तरीका सभी महत्वपूर्ण होता है। खिलाड़ी की एक चूक उसे खेल में काफी पीछे कर देती है।

ऐसे तय होता है विजेता
टी-ऑफ (गेम शुरू करने का प्वाइंट) से पहले शॉट से खेल शुरू होता है। गोल्फ में जितने कम स्ट्रोक में आप गेंद को होल में डालेंगे, जीत उतनी नजदीक होगी। साथ ही हर होल के अंक आपके स्कोर में जुड़ते जाते हैं। अंत में इन्हीं अंकों के आधार पर आप विजेता बनते हैं।
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