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प्रयागराज : ऐसा संस्थान जो 60 सालों से दे रहा शत प्रतिशत प्लेसमेंट, नेहरू ने 1957 में रखी थी आधारशिला

Sat, 20 May 2023 02:51 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

northern regional institute of printing technology allahabad : तेलियरगंज में स्थित संस्थान की नींव 1957 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू ने रखी थी। देश में ऐसे चार संस्थानों की स्थापना का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के बेहतर विकल्प देना है।
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प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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प्रिंटिंग के क्षेत्र में करीब 60 सालों से देश ही नहीं विदेशों में भी अलग पहचान बनाने वाले नॉर्दन रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी का रिकॉर्ड हर साल शत-प्रतिशत प्लेसमेंट का है। तेलियरगंज में स्थित संस्थान की नींव 1957 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू ने रखी थी। देश में ऐसे चार संस्थानों की स्थापना का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के बेहतर विकल्प देना है।

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प्राचार्य बीके श्रीवास्तव के मुताबिक संस्थान में प्रिंटिंग का तीन वर्ष का डिप्लोमा उपलब्ध है। यहां 10वीं पास से लेकर स्नातक तक के छात्रों तक के लिए प्रिंटिंग के कोर्स मौजूद हैं। जहां तक दाखिले की बात है तो प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन जारी है। अभ्यर्थी 25 मई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा ज्वाइंट इंट्रेंस टेस्ट के जरिए होती है। इसमें सफल छात्र-छात्राओं की काउंसलिंग के बाद दाखिला मिलता है। परिसर में महिला और पुरुष छात्रों के लिए अलग-अलग हॉस्टल की सुविधा भी उपलब्ध है। इस बार प्रवेश परीक्षा 1 से 5 जून तक प्रस्तावित है।

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30 सीटों से हुई थी शुरूआत
नॉर्दन रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ प्रिंटिंग की शुरूआत में 30 सीटों पर दाखिला होता था। इसके बाद 1990 के बाद सीटों की संख्या बढ़कर 60 हुई। इसके बाद 2012 में 90 सीटों पर दाखिला शुरू हो गया। ईडब्लूएस कोटा लागू होने के बाद सीटों की संख्या बढ़कर 112 हो गई है। वर्तमान में प्रवेश परीक्षा के जरिए इन्हीं सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया पूरी की जाती है।

इसमें 70 सीटें उत्तर प्रदेश और 20 सीटें अन्य राज्यों के विद्यार्थियों के लिए आरक्षित हैं। संस्थान के सभी छात्रों का चयन प्रतिवर्ष कैंपस सलेक्शन से होता है। शुरूआत में कंपनियां ट्रेनिंग के दौरान 15 से 20 हजार रुपये तक चयनित छात्रों को देती है। यहां के छात्रों की मांग देश के साथ ही विदेशों में भी है। भारत सरकार के नोट छापने वाले कारखाने में भी यहां के छात्र तैनात हैं। 
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