संगमनगरी भी शनिवार को जगन्नाथमय हुई। मीरापुर से लेकर कटरा और दारागंज से लेकर कीडगंज तक हर ओर जगन्नाथ की ही धूम रही। पूरे सोलह दिनों के विश्राम के बाद भगवान जगन्नाथ की विशाल शोभायात्रा श्रद्धा एवं उल्लास के साथ निकली तो हर कोई रथ के संग चला। श्रद्धालुओं के बीच रस्सियां पकड़कर रथ को खींचने के लिए होड़ रही। पूरे रास्ते जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के नाम के जयकारे लगे।
श्री जगन्नाथ जी महोत्सव समिति की ओर से दर्पण स्नान के बाद जीरो रोड स्थित आर्यभवन से सोलह पहियों वाले सुसज्जित रथ पर बलभद्र और सुभद्रा संग भगवान जगन्नाथ का विग्रह रखकर रथयात्रा निकाली गई। इससे पहले उन्हें पूजन के साथ ही दर्पण स्नान भी कराया गया। विघ्नहर्ता गणपति की अगुवाई में ध्वज, बैंड, नगाड़ों के साथ जीरो रोड स्थित हाटकेश्वर मंदिर से आरंभ रथयात्रा निर्धारित रास्ते से होकर सत्ती चौरा स्थित मंदिर पहुंचकर पूरी हुई।
शोभायात्रा में गरुण, पांचों पांडवों के अतिरिक्त नरसिंह, राधाकृष्ण, विष्णु आदि की आकर्षक झांकियां थीं। राजस्थानी परिधान में कलाकार पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ चले। अठारह फीट ऊंचे नंदी रथ के शीर्ष भाग पर सुदर्शन चक्र और अग्रभाग में मेरुदंड ने रथ को भव्यता दी। मुख्य द्वार को इक्कीस प्रकार के फूलों से सजाया गया था। कटरा रामलीला कमेटी की दो शृंगार झांकियां भी आकर्षक रहीं। आरंभ में स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने भगवान जगन्नाथ की आरती उतारी। कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, महापौर अभिलाषा गुप्ता ने रस्सा खींचकर रथयात्रा की शुरुआत की। रथयात्रा में महानगर अध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता, हरिओम पांडेय, सतीश केसरवानी, संयोजक बसंत लाल आजाद, अध्यक्ष गोवर्धनदास गुप्ता, दाऊदयाल गुप्ता, दुर्गा प्रसाद गुप्त, जयराम गुप्त, राजेश केसरवानी, अमर वैश्य मुन्ना भइया, कृष्ण भगवान केसरवानी, विजय वैश्य, रामबाबू वर्मा, सत्येंद्र चोपड़ा, आनंदजी टंडन आदि शामिल थे।
इस्कॉन की ओर से शक्तिपीठ ललिता देवी मंदिर से भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई। जयकारों के बीच फूलों से सुसज्जित रथ पांडेय चौराहा होते हुए बलुआघाट स्थित मंदिर पहुंचा। रथयात्रा में अनेक आकर्षक झांकियां भी शामिल रहीं। आरंभ में ललिता देवी मंदिर समिति के अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा, महामंत्री धीरज नागर आदि ने आरती उतारी। संयोजक वेणुविजय दास की देखरेख में निकली रथयात्रा में बड़ी संख्या में शामिल इस्कान के भक्तों में रथ को खींचने की होड़ रही।
शाहगंज स्थित आनंद बिहारी मंदिर से धूमधाम से भगवान जगन्नाथ की यात्रा निकली जो शाहगंज चौराहा, जानसेनगंज, घंटाघर होते हुए मंदिर पहुंचकर पूरी हुई। पुजारी दिगंबर त्रिपाठी के नेतृत्व में निकली यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। पुराना कटरा के पास से भी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकली जो मनमोहन पार्क होते हुए कचहरी रोड स्थित स्वामी जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर पूरी हुई। संयोजक के अनुसार सोमवार को विशाल भंडारा होगा । कीडगंज स्थित मंदिर से सजधज के साथ निकली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा कीडगंज थाने वाली सड़क, सती शाह, नेता नगर, बीच वाली सड़क, इलाहाबाद डिग्री कालेज आदि क्षेत्रों से होकर निकली। यात्रा में एडीजी एसएन साबत बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। यात्रा में महेंद्र तिवारी, जितेंद्र तिवारी, अनंत अग्रवा, सूरज, बच्चा राम, राहुल, गणेश केसरवानी, धीरज द्विवेदी, मनीष, गणेश वर्मा आदि शामिल थे।
समाधि मंदिर पूरा पड़ाइन से महंत रामदास की अगुवाई में भगवान जगन्नाथ की शोभायात्रा निकाला गई जो जीटी रोड, निराला चौराहा से होकर गुजरी।
संगम विश्व धरोहर महा अभियान के संयोजक तीर्थराज पांडे ‘बच्चा भैया’ के नेतृत्व में प्रयागराज सेवा समिति के कार्यकर्ताओं ने मध्य दारागंज धकाधक चौराहे पर केसर तिलक लगाकर यात्रियों का स्वागत किया। भगवान जगन्नाथ को जामुन, चना और मूंग के दाल का भोग लगाया गया। रथ को खींचने के लिए महिलाओं, बच्चों में होड़ लगी रही। यात्रा में अध्यक्ष धर्मराज पांडे, केसी पांडे, डॉ अजय द्विवेदी, विष्णु दयाल श्रीवास्तव, महिला मोर्चा की अध्यक्ष अनुपमा पांडे, अशोक प्रभुराज पांडे आदि मौजूद थे। रथयात्रा के अवसर पर चौक गंगादास स्थित राधारमण मंदिर में राधारमण का मनोहारी शृंगार किया गया। शरद गोस्वामी की देखरेख में मंदिर को सजाया गया। भजन-कीर्तन के कार्यक्रम भी हुए।