कुंभ से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आजमगढ़ से तीर्थराज प्रयाग की बेहतरी की बड़ी बुनियाद रखी। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के जरिए उन्होंने प्रयाग के विकास का भी जिक्र किया। दरअसल, पूर्वांचल एक्सप्रेस -वे के साथ प्रयागराज लिंक एक्सप्रेस-वे का भी निर्माण होगा। कहा जा रहा है कि पीएम के इस तोहफे से कुंभ नगरी प्रयाग में आने वाले यात्रियों की सुविधा में इजाफा होगा। नए उद्योगों के सपनों के पंख लगेंगे। पर्यटकों की संख्या भी तेजी से बढ़ने की उम्मीद जग गई है। इस महात्वाकांक्षी परियोजना को तैयार करने वाली कार्यदायी संस्था यूपीडा के अधिकारियों के अनुसार इस लिंक एक्सप्रेस-वे के तैयार होने के बाद संगमनगरी में कृषि व पर्र्यटन आधारित औद्योगिक विकास की रफ्तार तेज हो जाएगी।
प्रयागराज लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसकी जिम्मेदारी यूपीडा की होगी। इस लिंक एक्सप्रेस-वे का खाका तैयार कर लिया गया है। यूपीडा के अधिकारियों के अनुसार प्रयागराज लिंक एक्सप्रेस-वे 170 किमी लंबा होगा। आरंभिक प्रस्ताव में इसकी चौड़ाई 110 मीटर रखी गई है। इस एक्सप्रेस-वे की शुरुआत बाराबंकी में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे केचैनेज 11+300 से होगी। यह अमेठी, रायबरेली, प्रतापगढ़ होते हुए इलाहाबाद केझूंसी के पास समाप्त होगा। 170 किमी. लंबे इस एक्सप्रेस-वे के बनने से लखनऊ से प्रयाग की दूरी काफी कम हो जाएगी। इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास व व्यापार, रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। यूपीडा अफसरों के अनुसार प्रयाग लिंक एक्सप्रेस वे के बन जाने के बाद लखनऊ से इलाहाबाद की दूरी तीन घंटे से कम समय में पूरी की जा सकेगी। इस लिंक एक्सप्रेस-वे पर वाहन 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकेंगे। इससे युवाओं को रोजगार के बड़े अवसर मिलने की उम्मीद जगेगी और किसानों की आय में इजाफा होगा। फिलहाल अभी इस एक्सप्रेस-वे की प्री-फिजिबिलिटी अध्ययन का काम चल रहा है।
-170 किमी लंबा होगा प्रयागराज लिंक एक्सप्रेस-वे
-120 किमी प्रति घंटा की रप्तार से प्रयाग लिंक एक्सप्रेस-वे पर दौड़ सकेंगे वाहन
-03 घंटे में तय हो सकेगी लखनऊ से इलाहाबाद की दूरी