इन्हें मिला सम्मान
1-सराहनीय सेवा के लिए सर्वश्रेष्ठ पुलिस अफसर-वरुण कुमार, सहायक पुलिस आयुक्त धूमनगंज
2-सर्वश्रेष्ठ जनप्रिय पुलिस अफसर- श्वेताभ पांडेय, सहायक पुलिस आयुक्त सिविल लाइंस
3-सराहनीय सेवा के लिए सर्वश्रेष्ठ पुलिसकर्मी- एसआई अर्चना चौबे, चौकी प्रभारी मीरापुर
4-सराहनीय सेवा के लिए सर्वश्रेष्ठ यातायात पुलिसकर्मी- निरीक्षक अमित कुमार
5-जनशिकायतों के त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के आधार पर सर्वश्रेष्ठ थाना-पूरामुफ्ती, प्रभारी एसआई अजीत सिंह
6-चर्चित केसों को हल करने में अहम भूमिका निभाने वाले फील्ड यूनिटकर्मी- मुख्य आरक्षी शैलेंद्र कुमार व मुख्य आरक्षी योगेंद्र कुमार
7-चर्चित घटना का खुलासा करने वाली टीम- एसओजी गंगापार के प्रभारी दिनेश सिंह, टीम सदस्य- याकूब अहमद, सिद्धार्थ शंकर राय, आनंद बहादुर सिंह, रविंद्र यादव, देवेंद्र प्रताप सिंह, पीयूष पंकज चौहान, समीर प्रताप सिंह
8- प्रभावी व समयबद्ध पैरवी कर विभाग का पक्ष प्रभावी ढंग से रखने वाली टीम- रिट सेल के प्रभारी निरीक्षक रमेश चौबे, एएसआई शोभित साहू, शिवांशु पांडेय, उत्कर्ष, हिमांशु, पुष्पराज, आरक्षी लक्ष्मी, समिता व उर्दू अनुवादक मो. उसामह
9- पुलिस कार्यालय में जनशिकायतों का निस्तारण- जनसुनवाई प्रकोष्ठ के प्रभारी निरीक्षक तुषार दत्त त्यागी, मुख्य आरक्षी चिंतामणि, मृत्युंजय शाही, विनय यादव, रमा साहू, सीमा पटेल10- सराहनीय सेवा के लिए पुलिस कार्यालय में तैनात पुलिसकर्मी- अशोक कुमार पुष्कर
कर्तव्यपथ पर शहीद होने वाले जांबाजों को नमन, भर आईं आंखें
समारोह में पुलिस विभाग के उन दो जांबाजों को भी नमन किया गया, जिन्होंने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए अपने प्राणों का बलिदान कर दिया। उमेश पाल हत्याकांड में वीरगति को प्राप्त हुए आरक्षी संदीप निषाद व आरक्षी राघवेंद्र सिंह को मरणोपरांत सम्मानित किया गया। शहीद संदीप की पत्नी रीमा बिंद व शहीद राघवेंद्र की मां अरुणा सिंह ने पुरस्कार ग्रहण किया। इस दौरान दोनों की आंखें भर आईं। मौके पर अन्य परिजन भी मौजूद रहे।
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