बच्चों में मदद की भावना को आगे बढ़ाने के लिए चलाई मुहिम
गंगा गुरुकुलम विद्या मंदिर फाफामऊ की प्रधानाचार्य अल्पना डे ने बताया कि उनके स्कूल में भी बुक बैंक की मुहिम चल रही है। इससे बच्चों में एक दूसरे की मदद की भावना जागृत होती है। सभी बच्चों को इसके लिए प्रेरित किया जाता है कि वह अपनी पुरानी पुस्तकें जमा कर दें। ताकि उनके पुस्तके आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को दी जा सकें। ताकि वह भी पढ़ाई कर सकें। इससे उनके अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पढ़ेगा। पुस्तक जमा करने वाला बच्चा भी अगर अपनी नई कक्षा के लिए पुस्तक लेना चाहता है तो उसे भी पुस्तकें प्रदान की जाती है।
खुद से आगे आते हैं बच्चे और अभिभावक
ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य विक्रम बहादुर सिंह परिहार ने बताया कि उनके विद्यालय में भी बुक बैंक की व्यवस्था है। वह भी नई कक्षा में जाने वाले बच्चों को अधिक से अधिक पुस्तकें बुक बैंक में जमा करने के लिए प्रेरित किया जाता है। इस बुक बैंक की मुहिम हर बच्चे की मदद हो जाती है। यह पूरी तरह से अभिभावकों और बच्चों की स्वेच्छा पर है। इसके लिए उनपर कोई दबाव नहीं बनाया जाता है।
आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों का बोझ हो जाता है कम
रानी रेवती देवी विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के शिक्षक मनोज गुप्ता ने बताया कि उनके यहां भी बुक बैंक चलता है। परिणाम आने के बाद बच्चों को प्रेरित किया जाता है कि वह कक्षा अध्यापक के पास पुरानी पुस्तकें जमा कर दें। नई कक्षा के अध्यापक से अगर पुस्तक चाहिए तो बता दें। उन्हें भी पुस्तक मिल जाती है। इस अभियान से एक दूसरे की मदद हो जाती है। आर्थिक रूप कमजोर अभिभावकों पर बच्चों की पुस्तक खरीदने का बोझ नहीं पड़ता है।