माघ मेला 2023-24 की बसावट शुरू हो गई है। अगले वर्ष की शुरूआत में लगने वाले माघ मेले के लिए भूमि आवंटन 21 दिसंबर से प्रस्तावित है। सबसे पहले दंडी बाड़ा को भूमि का आवंटन होगा। प्रभारी अधिकारी (माघ मेला) ने बताया कि माघ मेला 2023-24 में साधु-संतों, संस्थाओं एवं अन्य को नियमानसार भूमि/सुविधाओं का आवंटन होगा। 21 और 22 दिसंबर को दंडी स्वामी नगर, दंडी बाड़ा मार्ग में भूमि का आवंटन किया जाएगा।
इसके बाद 23 और 24 दिसंबर को खाकचौक, 26 और 27 दिसंबर को आचार्य स्वामी नगर (आचार्य बाड़ा), 28 दिसंबर को संगम लोवर मार्ग, संगम अपर मार्ग और सरस्वती मार्ग, महावीर मार्ग, 29 दिसंबर को अन्नपूर्णा मार्ग, 30 दिसंबर को तुलसी मार्ग और जीटी रोड़ पर भूमि आवंटन होगा।
इसी तरह 31 दिसंबर को त्रिवेणी मार्ग, एक जनवरी 2024 को रामानुज मार्ग, दो जनवरी को काली मार्ग, गंगोली शिवाला मार्ग, सेक्टर-एक व दो, परेड, शास्त्री गाटा, कबीर नगर, तीन जनवरी को समुद्रकूप मार्ग और इंटरलाॅकिंग मार्ग सेक्टर तीन, हरिश्चन्द्र मार्ग, अरैल, समिया माई मार्ग, सूरदास मार्ग, गाटा मार्ग और अन्य संस्थाओं के लिए भूमि का आवंटन किया जाएगा। प्रभारी अधिकारी (माघ मेला) ने बताया है कि सुविधा पर्चियों की प्राप्ति के लिए पहचानयुक्त फोटो और आधार कार्ड पेश करना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी बताया है कि अपरिहार्य परिस्थितियों में आवंटन तिथियों में परिवर्तन भी हो सकता है।
सुविधा वापस न करने वालों को मेला में नहीं मिलेगी जमीन
माघ मेला, कुंभ मेला और महाकुंभ के दौरान ऐसी संस्थाएं जिन्होंने मेला प्रशासन से टिन, टेंटेज, फर्नीचर आदि की सुविधाएं प्राप्त करने के बाद उन्हें वापस नहीं किया है उन संस्थाओं को मेला में जमीन नहीं दी जाएगी और कोई सुविधा भी नहीं मिलेगी। प्रभारी अधिकारी के अनुसार प्रत्येक शिविर धारक को मेले की संपूर्ण अवधि (माघी पूर्णिमा) तक शिविर बनाए रखना अनिवार्य होगा। सुविधा पर्ची, भूमि आवंटन के दो दिन बाद दी जाएगी।