महाकुंभ क्षेत्र में भूमि एवं सुविधाओं का आवंटन 12 नवंबर से शुरू होगा। इसके एक-दो दिन बाद पर्ची भी ऑनलाइन कर दी जाएगी, जिसके आधार पर संस्थाएं सुविधाएं प्राप्त कर सकेंगी।
वहीं, नई संस्थाओं के पंजीकरण तथा भूमि व सुविधाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू कर दी गई। पहले दिन शाम पांच बजे तक 30 संस्थाओं ने आवेदन भी कर दिया।
इसके लिए 12 नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। मेला प्रशासन ने 12 नवंबर से आवंटन की प्रक्रिया शुरू करने की भी योजना बनाई है। आवंटन चरणबद्ध तरीके से होगा।
अपर मेलाधिकारी विवेक चतुर्वेदी का कहना है कि इस बार पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। दिसंबर में सभी संस्थाओं को स्थापित कर दिया जाएगा।
शहर के चारों तरफ श्मशान घाट बनाने की मांग
महाकुंभ के दौरान दारागंज, नैनी और ककरहा घाटों पर नहीं होगा अंतिम संस्कार
प्रयागराज। पार्षद शिवसेवक सिंह और अन्य लोगों ने शहर के चारों तरफ श्मशान घाट बनाने की मांग की है। इस संबंध में मंगलवार को मेलाधिकारी विजय किरन आनंद को ज्ञापन सौंपा गया ।
महाकुंभ के दौरान दारागंज, नैनी और ककरहा समेत कई श्मशान घाटों पर शवों का अंतिम संस्कार नहीं हो पाएगा, हालांकि दारागंज घाट पर विद्युत शवदाह गृह चालू रहेगा। शहर में सिर्फ रसूलाबाद घाट पर अंतिम संस्कार हो पाएगा।
मेलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि इस संबंध में नगर आयुक्त से बात की जाएगी। वहीं, नगर निगम के मुख्य अभियंता सतीश कुमार का कहना है कि नए या अस्थायी श्मशान घाट बनाने का कोई प्रावधान नहीं है।
महाकुंभ के दौरान दारागंज घाट पर विद्युत शवदाह गृह और रसूलाबाद घाट पर ही अंतिम संस्कार होगा। ज्ञापन सौंपने वालों में नागेंद्र शुक्ला, राजकुमार निषाद, अनूप त्रिपाठी, बंटू मिश्रा, राजू यादव में शामिल रहे।