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इलाहाबाद शहर पश्चिमी : दो दशक तक सिक्का जमाने वाले माफिया अतीक का जानें कैसे ढहा किला

Mon, 31 Jan 2022 04:32 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

पश्चिम विधानसभा सीट में 1967 से 2017 तक के बीच हुए कुल 16 विधानसभा चुनाव में सर्वाधिक मत पाने का रिकार्ड कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा नेता सिद्धार्थ नाथ सिंह के नाम है। वह इस सीट से पहले ऐसे प्रत्याशी हैं जिनके खाते में 85 हजार से ज्यादा वोट हैं। 
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माफिया अतीक अहमद - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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इलाहाबाद शहर पश्चिमी विधानसभा सीट में वर्ष 1989 से 2017 के दौरान हुए कुल दस विधानसभा चुनाव में छह बार माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ का कब्जा रहा है। इस सीट से अतीक अहमद लगातार पांच बार विधायक बने, जबकि वर्ष 2005 के उपचुनाव में सपा के टिकट पर अतीक का छोटा भाई खालिद अजीम अशरफ इस सीट से निर्वाचित हुआ।

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पश्चिम विधानसभा सीट में 1967 से 2017 तक के बीच हुए कुल 16 विधानसभा चुनाव में सर्वाधिक मत पाने का रिकार्ड कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा नेता सिद्धार्थ नाथ सिंह के नाम है। वह इस सीट से पहले ऐसे प्रत्याशी हैं जिनके खाते में 85 हजार से ज्यादा वोट हैं। 


इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा सीट से कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह के ताऊजी चौधरी नौनिहाल सिंह भी कांग्रेस और कांग्रेस (आई) के टिकट पर क्रमश: वर्ष 1967 और 1980 में यहां से चुनाव जीत चुके हैं।

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prayagraj news : अतीक अहमद (फाइल फोटो)। - फोटो : prayagraj
निर्दलीय के रूप में अतीक ने 1989 में जीता पहला चुनाव
उस चुनाव में पहली बार भाजपा ने भी शिरकत की थी, हालांकि तब भाजपा प्रत्याशी बृजेश कुमार महज 12 फीसदी मत पाकर चौथे स्थान पर रहे। पश्चिम विधानसभा में पहला चुनाव 1967 में हुआ था, तब इस सीट से चौधरी नौनिहाल सिंह निर्वाचित हुए थे। उधर अतीक अहमद की बात करें तो निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उन्होंने पहला चुनाव 1989 में जीता। इसके बाद 1991 और 1993 के चुनाव में भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की।


1996 के चुनाव में अतीक अहमद ने समाजवादी पार्टी और 2002 के चुनाव में अपना दल के टिकट पर जीत हासिल की। अतीक को इस सीट से पहली बार शिकस्त बसपा प्रत्याशी पूजा पाल ने 2012 में दी। उसके पूर्व 2007 में अतीक के भाई अशरफ को भी पूजा ने हराया था।

पूजा पाल - फोटो : सोशल मीडिया
राजू पाल ने दी थी अशरफ को शिकस्त
शहर पश्चिम विधानसभा में वर्ष 2004 में हुए उपचुनाव में बसपा के टिकट पर राजू पाल ने सपा के अशरफ को शिकस्त दी थी। उस चुनाव में वर्तमान डिप्टी सीएम केशव प्रसाद भी चुनाव लड़े थे। 2005 में ही राजू पाल की हत्या हो गई।
 
 
उसके बाद 2005 के उपचुनाव में अशरफ सपा के टिकट पर इस सीट से निर्वाचित हुए, लेकिन 2007 के चुनाव में पूजा पाल ने बसपा के टिकट पर अशरफ को हरा दिया था। उस चुनाव में भाजपा के टिकट पर केशव प्रसाद मौर्य तीसरे स्थान पर रहे। 

Prayagraj News : सिद्धार्थनाथ सिंह, कैबिनेट मंत्री। - फोटो : प्रयागराज
जनसंघ ने भी चखा है इस सीट से जीत का स्वाद
पश्चिम विधानसभा सीट से भाजपा ने भले ही पहली बार 2017 के चुनाव में जीत हासिल की हो लेकिन इस सीट से 1974 में भारतीय जनसंघ भी जीत का स्वाद चख चुकी है। तब जनसंघ प्रत्याशी तीरथ राम कोहली ने भारतीय क्रांति दल के प्रत्याशी हबीब अहमद को महज 176 वोट से हराकर जीत हासिल की थी।
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खालिद अजीम उर्फ अशरफ। - फोटो : prayagraj
1967 से अब तक चुने गए विधायक 
2017    सिद्धार्थ नाथ सिंह         भाजपा
2012    पूजा पाल                    बसपा
2007    पूजा पाल                    बसपा
2005    खालिद अजीम अशरफ        सपा
2004    राजू  पाल                    बसपा
2002    अतीक अहमद            अपना दल
1996    अतीक अहमद            सपा
1993    अतीक अहमद         निर्दलीय
1991    अतीक अहमद        निर्दलीय
1989    अतीक अहमद        निर्दलीय
1985    गोपाल दास यादव        लोकदल
1980    चौधरी नौनिहाल सिंह    कांग्रेस (आई)
1977    हबीब अहमद        जनता पार्टी
1974    तीरथ राम कोहली    भारतीय जनसंघ
1969    हबीब अहमद        निर्दलीय
1967    चौधरी नौनिहाल सिंह        कांग्रेस
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