एमएचआरडी ने पूर्व ज्वाइंटर रजिस्ट्रार पर कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी
वर्तमान में एनसीईआरटी के हैं सचिव, आरोप झूठा होने का दावा
प्रयागराज, 9 नवंबर। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में पूर्व ज्वाइंट रजिस्ट्रार एवं एनसीईआरटी के वर्तमान हर्ष कुमार पर छेड़खानी के आरोप का मुद्दा फिर गरमा गया है। हालांकि चार साल पुराने इस मामले में पुलिस की ओर से फाइनल रिपोर्ट लगाई जा चुकी है और पूर्व में जांच के लिए गठित कमेटी भी हर्ष कुमार को क्लीन चिट दे चुकी है। लेकिन अचानक यह मुद्दा फिर उठा है और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) ने इविवि के रजिस्ट्रार को पत्र जारी करते हुए मामले में उचित कार्रवाई करने और 20 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश जारी किए हैं।
इविवि के पूर्व ज्वाइंट रजिस्ट्रार हर्ष कुमार पर वर्ष 2015 में एक महिला ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। मामले में पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की थी और इविवि प्रशासन ने भी जांच के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया था। इसके बाद जनवरी 2017 में वह सचिव एनसीईआरटी के पद पर प्रतिनियुक्ति पर चले गए। कुछ दिनों पहले उस महिला ने प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई और वहां से मामला आगे बढ़ने के बाद एमएचआरडी ने इविवि के रजिस्ट्रार को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि मामले में आवश्यक कार्रवाई करते हुए 20 दिनों में मंत्रालय को रिपोर्ट भेजें।
उधर, एनसीईआरटी के सचिव हर्ष कुमार ने आरोप झूठा होने का दावा किया है। उन्होंने बताया कि पुलिस एफआर लगा चुकी है और इविवि की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी से भी उन्हें क्लीन चिट मिल चुकी है। इविवि में कुछ अफसर और शिक्षक उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि किसी तरह उन्हें प्रतिनियुक्ति से वापस बुलाकर प्रताड़ित किया जाए। जिस महिला ने आरोप लगाया, उसका पति एक अपराधी है और वह दबाव बनाकर अपनी पत्नी की नियुक्ति विश्वविद्यालय में कराना चाहता था। उन्होंने गलत काम करने से मना किया तो महिला ने यौन शोषण के झूठे आरोप में फंसा दिया।
‘पीड़िता ने हर्ष कुमार, सचिव एनसीईआरटी के खिलाफ पीएमओ में शिकायत की है। इस मामले से संबंधित पत्र पांच नवंबर को विश्वविद्यालय को प्राप्त हुआ है। विश्वविद्यालय शीघ्र ही इस संबंध में करवाई करके मंत्रालय को अवगत कराएगा। संबंधित मामले को विश्वविद्यालय ने सीकैश कमेटी को भेज दिया है।’डॉ. चित्तरंजन कुमार सिंह, पीआरओ, इविवि