सुरक्षा संबंधी मंत्रालय के पत्र को लेकर भी प्रशासन सतर्क
बैठक में इस मामले को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से कुछ माह पहले जारी उस चेतावनी पत्र से भी जोड़ा गया, जिसमें देश के सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को गंभीर सुरक्षा संकट की आशंका को लेकर सतर्क किया गया था। पत्र में कहा गया था कि विश्वविद्यालयों को अपने प्रवेश, पहचान सत्यापन और सुरक्षा तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाना चाहिए। क्योंकि, कुछ तत्व संस्थानों में घुसपैठ कर शैक्षणिक व्यवस्था को बाधित करने की कोशिश कर सकते हैं। मंत्रालय के इस चेतावनी को वर्तमान प्रवेश फर्जीवाड़े के संदर्भ में अत्यंत प्रासंगिक माना गया। इसे ध्यान में रखते हुए विवि के साथ पुलिस एवं जिला प्रशासन की ओर से भी सतर्कता बढ़ाने एवं जांच के आदेश दिए गए।
कॉलेजों के नवप्रवेशियों के दस्तावेज की भी होगी जांच
इविवि के साथ संघटक कॉलेजों में भी सीयूईटी के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया पूरी की गई है। इस वर्ष देश के करीब हर राज्य से विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद विवि के साथ संघटक कॉलेजों में दाखिला लेने वाले सभी विद्यार्थियों के भी दस्तावेज की जांच की जाएगी।
संयुक्त जांच समिति बनी, मंत्रालय को भी जाएगी रिपोर्ट
नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के दस्तावेज की जांच के लिए संबंधित सभी विभागों के अफसरों संयुक्त टीम बनाई गई है। प्रवेश प्रकोष्ठ एवं परीक्षा विभाग सभी विद्यार्थियों के दस्तावेज की जांच करने में जुट गया है। कुलानुशासक कार्यालय में भी सभी के दस्तावेज के स्कैन कराने के साथ अन्य प्रक्रिया के तहत जांच शुरू कर दी गई है। जांच में तकनीकी विशेषज्ञों की भी मदद ली जाएगी। इसके लिए विवि के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन विभाग के शिक्षकों एवं अन्य विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा पुलिस एवं जिला प्रशासन भी जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट शिक्षा मंत्रालय को भी भेजी जाएगी।
फर्जी परीक्षार्थियों की भी होगी पहचान
कमेटी प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया की भी जांच करेगी। किसी अभ्यर्थी की जगह दूसरे ने तो परीक्षा नहीं दी है,इसकी की भी जांच कराई जाएगी। इसके लिए सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले जाएंगे और संदिग्ध परीक्षार्थियों की पहचान की जाएगी।
विवि में फर्जी तरीके से प्रवेश लेने के गंभीर मामले सामने आए हैं। इसलिए सभी विद्यार्थियों के दस्तावेज की गहनता से जांच के आदेश दिए गए हैं। अलग-अलग स्तर पर जांच कराने का निर्णय लिया गया। विवि प्रशासन की जांच में फर्जी तरीके से प्रवेश के जो भी मामले आएंगे, उनका पूरा विवरण पुलिस एवं जिला प्रशासन को भी सौंपा जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ विवि के साथ पुलिस प्रशासन के स्तर पर भी कार्रवाई होगी। - प्रो.जया कपूर, जनसंपर्क अधिकारी, इलाहाबाद विश्वविद्यालय