छात्रों के आक्रोश और उनकी संख्या को देखते हुए प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य एवं सुरक्षा कर्मियों ने उनसे दूरी बनाए रखी। चीफ प्रॉक्टर ने इविवि में किसी भी वक्त व्यापक हिंसा और तोड़फोड़ की आशंका जताते हुए पुलिस आयुक्त को भी पत्र लिखकर स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया है। उन्होंने छात्रों के समूह का नेतृत्व करने वाले पांच छात्रों के नाम आयुक्त को भेजे हैं। चीफ प्राक्टर का आरोप है कि ये प्रशासनिक अधिकारियों और शिक्षकों के विरुद्ध साजिश कर रहे हैं।
एमए छात्र ने प्रवेश निरस्त करने को लिखा पत्र
इविवि के प्राचीन इतिहास विभाग में एमए प्रथम वर्ष के छात्र केशव मिश्र ने विभागाध्यक्ष को पत्र लिखकर प्रवेश निरस्त करने की मांग की है। केशव ने चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में छात्र की बर्बरतापूर्ण पिटाई को इसकी वजह बताया है। छात्र का कहना है कि वायरल ऑडियो रिकार्डिंग सुनने के बाद वह भय में है, क्योंकि इसमें शामिल एक शिक्षक प्राचीन इतिहास विभाग के है और मैं ऐसे प्रोफेसर से अपने भविष्य का निर्धारण नहीं कराना चाहता, जो छात्रों के साथ अभद्रता और मारपीट करते हो। छात्र ने आरोपी शिक्षकों पर कार्रवाई की मांग की है।
स्याही फेंकने की घटना की शिक्षकों, कर्मचारियों ने की निंदा
इविवि में रजिस्ट्रार पर स्याही फेंकने के विरोध में इलाहाबाद विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (ऑटा) और इविवि के मिनिस्टरीयल एवं टेक्निकल स्टाफ यूनियन ने बैठक कर घटना की निंदा की। ऑटा अध्यक्ष प्रो. एआर सिद्दीकी ने कहा कि तीन दिनों से जारी अराजक गतिविधियां गंभीर चिंता का विषय है। ऑटा ने दो प्रस्ताव पारित किए, जिसके तहत मांग की गई कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित हो और कुलसचिव पर स्याही फेंकने वालों की 48 घंटे में गिरफ्तारी हो, वरना पुलिस आयुक्त कार्यालय पर घेराव किया जाएगा। वहीं, इलाहाबाद विश्वविद्यालय संघटक महाविद्यालय शिक्षक संघ (ऑक्टा) के पदाधिकारियों ने भी आपात बैठक कर रजिस्ट्रार पर स्याही फेंकने और इविवि परिसर में अराजकता फैलाने वालों की गिरफ्तारी की मांग की।