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Allahabad University : फीस वृद्धि के खिलाफ कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन

Fri, 15 Jul 2022 01:46 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं ने कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में देश के कोने-कोने से छात्र पढ़ने आते हैं। इनमें से ज्यादातर छात्र ग्रामीण परिवेश से आते हैं और उनकी आर्थिक स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं होती।
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Prayagraj News : इविवि कुलपति कार्यालय पर फीसवृद्घि के विरोध में प्रदर्शन करते छात्र। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में नए सत्र 2022-23 से प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की तीन से चार गुना तक हुई फीस वृद्धि के विरोध में सभी छात्र संगठन एक मंच पर आ गए हैं। बृहस्पतिवार को छात्र संगठनों की ओर से कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया और रजिस्ट्रार के माध्यम से कुलपति को संबोधित ज्ञापन दिया गया।

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कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं ने कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में देश के कोने-कोने से छात्र पढ़ने आते हैं। इनमें से ज्यादातर छात्र ग्रामीण परिवेश से आते हैं और उनकी आर्थिक स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं होती। ऐसे छात्र अपनी योग्यता के बल पर प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करके यहां तक पहुंचते हैं, लेकिन तीन से चार गुना फीस वृद्धि के कारण इनमें से कई छात्र उच्च शिक्षा से वंचित रह जाएंगे। विश्वविद्यालय का यह निर्णय योग्य छात्रों के उज्ज्वल भविष्य में एक बड़ी बाधा है।


विश्वविद्यालय में संसाधन बढ़ाने के लिए छात्रों पर बोझ डालना कतई उचित नहीं है। छात्र नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन अगर बढे़ हुए शुल्क को तत्काल वापस नहीं लेता है तो बड़ा आंदोलन होगा और इसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। इस मौके पर छात्र नेता अजय यादव सम्राट, हरेंद्र यादव, विवेक कुमार, सुधीर यादव, अजय पांडेय, नवनीत, नीरज प्रताप सिंह, गौरव गोंड, विकास स्वरूप, राहुल पटेल, अविनाश वत्स, आदर्श भदौरियाख् हरिओम त्रिपाठी, अनुराग, शिवा, इंद्रजीत, प्रशांत, आयुष प्रियदर्शी आदि मौजूद रहे।

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प्रमोशन के लिए धरना जारी, चीफ प्रॉक्टर का पुतला फूंका

इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में स्नातक प्रथम वर्ष में एसाइनमेंट आधारित परीक्षा कराने या प्रमोशन देने की मांग को लेकर छात्रों ने बृहस्पतिवार को भी परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन जारी रहा। साथ ही बुधवार को आंदोलनकारी छात्रों के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में छात्रसंघ भवन के सामने चीफ प्रॉक्टर का पुतला भी फूंका गया।


स्नातक प्रथम वर्ष के छात्र चाहते हैं कि उन्हें एसाइनमेंट आधारित परीक्षा के आधार पर न्यूनतम 60 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण किया जाए या द्वितीय वर्ष में सीधे प्रमोट कर दिया जाए। छात्रों का कहना है कि पाठ्यक्रम में केवल 20 फीसदी की कटौती की गई है और इसके अनुपात में कक्षाएं बहुत कम चलीं हैं। पांच अगस्त से ऑनलाइन परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। अगर तब तक नियमित रूप से कक्षाएं चलें तो भी कोर्स पूरा नहीं हो सकेगा। इसी आधार पर छात्र एसाइनमेंट आधारित परीक्षा कराने या प्रमोशन देने की मांग कर रहें हैं।


बुधवार को परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के घेराव के दौरान छात्रों के चीफ प्रॉक्टर के साथ धक्कामुक्की हो गई थी और इसका वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसके आधार पर छात्रों ने आरोप लगाए थे कि चीफ प्रॉक्टर ने छात्र को पीटा। इस मसले पर छात्रों ने बृहस्पतिवार को छात्रसंघ भवन के सामने चीफ प्रॉक्टर का पुतला फूंका। वहीं, परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में दिन भर धरना देने के बाद शाम को छात्र लौट गए और उन्हें कोई आश्वासन नहीं मिला। छात्रों ने तय किया कि शुक्रवार को फिर से परीक्षा नियंत्रक कार्यालय का घेराव करेंगे।
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