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Allahabad University News : यूजीसी के निर्देश के बाद हॉस्टल आवंटन में फंसेगा पेच

Sun, 08 Nov 2020 10:16 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) - फोटो : अमर उजाला
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कोविड-19 के मद्देनजर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से हॉस्टल आवंटन को लेकर जारी दिशा-निर्देशों के बाद इविवि प्रशासन के लिए हॉस्टल आवंटन इस बार बड़ी चुनौती बनने जा रहा है। एक कमरे में सिर्फ एक छात्र या छात्रा को रहने की अनुमति दी जाएगी। ऐसे में हॉस्टलों के सभी कमरे सिंगल सीटेड हो जाएंगे और बड़ी संख्या में छात्र हॉस्टल पाने से वंचित रह जाएंगे। इस समस्या से निपटने के लिए डीएसडब्ल्यू प्रो. केपी सिंह ने सभी अधीक्षकों से हॉस्टलों में खाली हो रहीं सीटों के बारे में जानकारी मांगी है। फिलहाल, अभी केवल शोधार्थियों के लिए हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।

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pcb - फोटो : प्रयागराज
हॉस्टल शुरू से मेरिट के आधार पर आवंटित किए जाते रहे हैं। हॉस्टल उन्हीं विद्यार्थियों को आवंटित किए जाते हैं, जिनके आवास इविवि परिसर के 25 किलोमीटर के दायरे से बाहर हैं। डीएसडब्ल्यू प्रो. केपी सिंह का कहना है कि हॉस्टल आवंटन के लिए जो नियम निर्धारित हैं, उन्हीं के अनुरूप हॉस्टल आवंटित किए जाएंगे, लेकिन अभी केवल साइंस एंड टेक्नोलॉजी स्ट्रीम के शोधार्थियों के लिए हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। शोध छात्रों के लिए एएन झा हॉस्टल और छात्राओं के लिए हॉल ऑफ रेजिडेंस हॉस्टल है। दोनों ही हॉस्टल सिंगल सीटेड हैं। ऐसे में वहां कोई दिक्कत नहीं होगी। इसके अलावा साइंस एंड टेक्नोलॉजी स्ट्रीम के पीजी छात्र-छात्राओं को भी हॉस्टल आवंटित किए जाने हैं।
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hostel allahabad university - फोटो : प्रयागराज
इसके लिए देखा जा रहा है कि पीजी के कितने छात्र-छात्राएं सिंगल सीटेड कमरों में रह रहे हैं और कितने डबल सीटेड कमरों में रहते हैं। इसका ब्योरा इकट्ठा होने के बाद साइंस एंड टेक्नोलॉजी स्ट्रीम के पीजी छात्र-छात्राओं को हॉस्टल आवंटित किए जाएंगे। सबसे बड़ी समस्या नव प्रवेशी छात्र-छात्राओं के लिए होने जा रही है, क्योंकि स्नातक एवं पीजी के जो छात्र-छात्राएं पहले से हॉस्टल में रह रहे हैं, उन्हें भी नए सत्र में भी हॉस्टल देना है।

एक कमरे में एक छात्र के रहने से सीटों की संख्या घट रही है। डीएसडब्ल्यू प्रो. केपी सिंह भी मानते हैं कि इस बार हॉस्टल आवंटन में समस्या का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, इसका समाधान भी खोजा जा रहा है। सभी हॉस्टल के अधीक्षकों से नए सत्र में रिक्त होने जा रही सीटों का ब्योरा मांगा गया है। इस मसले पर जल्द ही अधीक्षकों के साथ बैठक की जाएगी और सीटों की उपलब्धता पर निर्णय लिया जाएगा।
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