हॉस्टल शुरू से मेरिट के आधार पर आवंटित किए जाते रहे हैं। हॉस्टल उन्हीं विद्यार्थियों को आवंटित किए जाते हैं, जिनके आवास इविवि परिसर के 25 किलोमीटर के दायरे से बाहर हैं। डीएसडब्ल्यू प्रो. केपी सिंह का कहना है कि हॉस्टल आवंटन के लिए जो नियम निर्धारित हैं, उन्हीं के अनुरूप हॉस्टल आवंटित किए जाएंगे, लेकिन अभी केवल साइंस एंड टेक्नोलॉजी स्ट्रीम के शोधार्थियों के लिए हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। शोध छात्रों के लिए एएन झा हॉस्टल और छात्राओं के लिए हॉल ऑफ रेजिडेंस हॉस्टल है। दोनों ही हॉस्टल सिंगल सीटेड हैं। ऐसे में वहां कोई दिक्कत नहीं होगी। इसके अलावा साइंस एंड टेक्नोलॉजी स्ट्रीम के पीजी छात्र-छात्राओं को भी हॉस्टल आवंटित किए जाने हैं।
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- फोटो : प्रयागराज
इसके लिए देखा जा रहा है कि पीजी के कितने छात्र-छात्राएं सिंगल सीटेड कमरों में रह रहे हैं और कितने डबल सीटेड कमरों में रहते हैं। इसका ब्योरा इकट्ठा होने के बाद साइंस एंड टेक्नोलॉजी स्ट्रीम के पीजी छात्र-छात्राओं को हॉस्टल आवंटित किए जाएंगे। सबसे बड़ी समस्या नव प्रवेशी छात्र-छात्राओं के लिए होने जा रही है, क्योंकि स्नातक एवं पीजी के जो छात्र-छात्राएं पहले से हॉस्टल में रह रहे हैं, उन्हें भी नए सत्र में भी हॉस्टल देना है।
एक कमरे में एक छात्र के रहने से सीटों की संख्या घट रही है। डीएसडब्ल्यू प्रो. केपी सिंह भी मानते हैं कि इस बार हॉस्टल आवंटन में समस्या का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, इसका समाधान भी खोजा जा रहा है। सभी हॉस्टल के अधीक्षकों से नए सत्र में रिक्त होने जा रही सीटों का ब्योरा मांगा गया है। इस मसले पर जल्द ही अधीक्षकों के साथ बैठक की जाएगी और सीटों की उपलब्धता पर निर्णय लिया जाएगा।