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कार्य बहिष्कार के बाद मानदेय का रास्ता साफ

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Allahabad University news - फोटो : ALDCOMPACT
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अतिथि प्रवक्ताओं ने नहीं लीं कक्षाएं, वीसी दफ्तर पर धरना-प्रदर्शन
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ऑटा अध्यक्ष के हस्तक्षेप पर तीन से चार दिन में भुगतान पर सहमति
प्रयागराज। मानदेय न मिलने से नाराज इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के अतिथि प्रवक्ताओं ने मंगलवार को कार्य बहिष्कार कर दिया और इविवि में कक्षाओं का संचालन ठप हो गया। ऑटा अध्यक्ष को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने कुलपति, रजिस्ट्रार और वित्त अधिकारी से बात की। इसके बाद इविवि प्रशासन मानदेय देने को राजी हो गया। तय हुआ कि फंड ट्रांसफर करके कम से कम तीन माह का भुगतान कर दिया जाएगा। इस प्रक्रिया में तीन से चार दिन का वक्त लग सकता है।
इविवि में पिछले साल अगस्त में तकरीबन 200 अतिथि प्रवक्ताओं की भर्ती हुई थी। अतिथि प्रवक्ताओं को वेतन मद से मानदेय दिए जाने का प्रावधान है लेकिन भर्ती के एक माह बाद सितंबर में आदेश जारी किया कि मानदेय का भुगतान रिकरिंग फंड से किया जाए जबकि इविवि के रिकरिंग फंड में इतनी धनराशि नहीं थी कि इससे मानदेय का भुगतान किया जा सके। अतिथि प्रवक्ताओं को लगातार पांच माह से वेतन नहीं मिल रहा है। इससे नाराज होकर उन्होंने मंगलवार को कक्षाओं का संचालन ठप कर दिया। अतिथि प्रवक्ताओं सभी संकायों में गए और डीएन एवं विभागाध्यक्षों से भी मुलाकात कर सहयोग मांगा। इसके बाद अतिथि प्रवक्ता वित्त अधिकारी के पास भी गए।
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शाम तक कोई हल नहीं निकला तो सभी अतिथि प्रवक्ता वीसी दफ्तर के सामने धरने पर बैठे गए। उनकी बात रखने के लिए ऑटा अध्यक्ष प्रो. राम सेवक दुबे ने कुलपति, रजिस्ट्रार और वित्त अधिकारी के साथ वार्ता की। तय हुआ कि फिलहाल अभी किसी दूसरे फंड से मानदेय का भुगतान कर दिया जाए। यूजीसी से पत्राचार चल रहा है। कम से कम तीन माह के भुगतान पर सहमति बनी हे। ऑटा अध्यक्ष ने बताया कि तीन से चार दिनों में भुगतान हो जाएगा। इस आश्वासन पर अतिथि प्रवक्ताओं ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया और बुधवार से कक्षाएं लेने के लिए तैयार हेा गए।
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