प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ की अगुवाई में मंगलवार को ‘शिक्षक सम्मान बचाओ, सेवा बचाओ’ अभियान के तहत प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक सड़क पर उतरे। शिक्षकों ने विद्यालयों में सामूहिक अवकाश लेकर जिला पंचायत से जिलाधिकारी कार्यालय तक रैली निकाली और मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा। कहा, मांगें पूरी नहीं होने पर शिक्षक आगे की लड़ाई के लिए तैयार हैं। रैली का नेतृत्व शिक्षक विधायक सुरेश कुमार त्रिपाठी, शिक्षक महासंघ एवं प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राम प्रकाश पांडेय ने किया। रैली के दौरान जिला पंचायत से कलक्ट्रेट परिसर तक शिक्षक ही दिखाई पड़ रहे थे।
शिक्षकों की प्रमुख मांगों में प्राथमिक से डिग्री कॉलेज तक के शिक्षकों की पुरानी पेंशन की बहाली, प्राथमिक विद्यालयों में न्यूनतम पांच सहायक अध्यापक, एक प्रधानाध्यापक पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में तीन सहायक अध्यापक एक प्रधानाध्यापक, विद्यालय में मूलभूत सुविधाएं फर्नीचर, बिजली, पंखे, बाउंड्री, शुद्ध पेयजल, महिला विद्यालयों में विद्यालय अवधि में प्रबंधकों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग रखी। शिक्षक विधायक सुरेश त्रिपाठी ने चयन बोर्ड अधिनियम की धारा 21 को खत्म करने का विरोध किया। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड का अस्तित्व बनाए रखने की बात कही। शिक्षक विधायक ने प्रेरणा एप पर रोक लगाने, एक ही परिसर में स्थित प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के संविलयन पर रोक लगाने, वित्तविहीन माध्यमिक शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन, समान सेवा शर्त, तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण, शिक्षामित्रों को स्थायी शिक्षक बनाने की मांग सहित कई मांग रखी।
स्कूल में अवकाश लेकर धरने में शामिल हुए शिक्षक
विद्यालयों में अवकाश लेकर जिला पंचायत कार्यालय पर जुटे हजारों की संख्या में शिक्षकों ने जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च निकाला। शिक्षकों ने जिलाधिकारी के प्रतिनिधि एसीएम प्रथम गौरव रंजन अपना ज्ञापन सौंपा। शिक्षक महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो शिक्षक अगले चरण के आंदोलन को बाध्य होंगे। धरने का संचालन जिलामंत्री प्राथमिक शिक्षक संघ शिव बहादुर सिंह तथा माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री अनुज कुमार पांडेय ने किया। प्रदर्शन के दौरान महेश दत्त शर्मा, कुंज बिहारी मिश्रा, अनय प्रताप सिंह, रमेश चंद्र शर्मा, अर्चना मिश्रा, शैलेंद्र शुक्ला, मसूद अहमद, राजेंद्र कुमार कनौजिया, मनीष तिवारी, संदीप पांडेय, मुचकुंद मिश्र, राजेश कुमार सिंह, बृजेश सिंह, चंद्रशेखर यादव, चिंतामणि त्रिपाठी, हरित जदली, सैयद बहार आलम, सुनीता तिवारी, सूबेदार सिंह, प्रेम चंद्र पटेल, जयप्रकाश शर्मा, इंद्रदेव पांडेय, विनोद कुमार पांडेय, प्रभात श्रीवास्तव सहित जिले के बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल रहे।
जिले में कोई विद्यालय बंद नहीं रहा, जूनियर हाईस्कूल के शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक हड़ताल में शामिल हुए। 30 फीसदी शिक्षक ही अवकाश लेकर धरने में शामिल हुए। - संजय कुमार कुशवाहा, बीएसए