हॉस्टल में रहने की अनुमति मांग कर रहे छात्रों ने सोमवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के कुलपति, डीएसडब्ल्यू और चीफ प्रॉक्टर कार्यालय पर ताला जड़ दिया। बाद में आननफानन में तीनों कार्यालयों के ताले तोड़े गए। इविवि प्रशासन की ओर से देर शाम मामले में नौ छात्रों को निलंबित कर दिया गया। चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय ने एफआईआर दर्ज कराने के लिए कर्नलगंज थाने में तहरीर दी है।
हॉस्टलों में रहने के लिए अनुमति मांग रहे छात्र कई दिनों से डीएसडब्ल्यू कार्यालय के सामने आमरण अनशन कर रहे हैं। सोमवार दोपहर एकेडमिक कौंसिल की बैठक के बाद चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय मौके पर पहुंचे और उन्होंने छात्रों को बताया कि कोविड-19के कारण परीक्षाएं अब ऑनलाइन कराई जाएंगी। ऐसे में हॉस्टल में रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। छात्रों ने कहा कि अगर उन्हें हॉस्टल में रहने की नहीं अनुमति मिल सकती है तो हॉस्टल की फीस माफ की जाए। इस पर चीफ प्रॉक्टर बोले कि अभी फीस नहीं मांगी जा रही है। प्रॉक्टर के जाने के बाद छात्रों ने कुलपति, डीएसडब्यू और चीफ प्रॉक्टर के कार्यालय पर ताला जड़ दिया।
मामले में देर शाम इविवि की एनएसयूआई इकाई के उपाध्यक्षा सत्यम कुशवाहा समते छात्र नेता शरद शंकर मिश्र, मोहम्मद मसूद अंसारी, उत्कर्ष दुबे, धनंजय कुशवाहा, विजय सेन सिंह, रितेश कुमार, पवन कुमार यादव, आनंद यादव को निलंबित कर दिया गया। हालांकि कार्रवाई के बाद छात्र फिर से डीएसडब्ल्यू कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठे गए। अनशन में शामिल एनएसयूआई पूर्वी यूपी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने छात्रों पर हुई कार्रवाई की निंदा की।
आइसा कार्यकर्ताओं की भूख हड़ताल समाप्त
परीक्षाओं के विरोध में आइसा के प्रदेश अध्यक्ष शैलेश पासवासन समेत कई अन्य कार्यकर्ताओं कुलपति कार्यालय के सामने पांच दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे। सोमवार दोपहर जब चीफ प्रॉक्टर ने छात्रों को जाकर बताया कि उनकी मांगें पूरी हो गई हैं, इस पर आइसा कार्यकर्ता भूख हड़ताल समाप्त करने को तैयार हो गए। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अजय भारती ने शैलेश पासवान को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। इस मौके पर भाकपा माले के जिला प्रभारी डॉ. कमल उसरी, आइसा इकाई सचिव सोनू यादव, अनिरुद्ध शर्मा, राकेश गौतम, पुनीत सेन, राजेश सचान्र प्रदीप दीप आदि मौजूद रहे।