अजय यादव सम्राट ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल होने के कारण उनके घर पुलिस पहुंची, परिवार वालों को मुकदमे में फंसाने के लिए धमकाया गया। यह आरोप भी लगाया कि पीडीए की टीम को घर भेजकर बुलडोजर चलाने की धमकी दी गई।
फीस वृद्धि के खिलाफ छात्रसंघ भवन के सामने 16वें दिन भी आमरण अनशन जारी रहा। आंदोलन में सबसे अधिक सक्रिय रहे पांच नए छात्र नेता बुधवार से आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। इनमें एनएसयूआई पूर्वी यूपी के अध्यक्ष एवं छात्रसंघ के उपाध्यक्ष अखिलेश यादव समेत छात्र नेता अजय यादव सम्राट, सारस्वत नितिन भूषण, अजय पांडेय बागी एवं सिद्धार्थ कुमार गोलू शामिल हैं। इन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन पर संवादहीनता का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि फीस वृद्धि वापस होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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अजय यादव सम्राट ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल होने के कारण उनके घर पुलिस पहुंची, परिवार वालों को मुकदमे में फंसाने के लिए धमकाया गया। यह आरोप भी लगाया कि पीडीए की टीम को घर भेजकर बुलडोजर चलाने की धमकी दी गई। अखिलेश यादव ने कहा कि छात्र इन धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। इविवि प्रशासन ने फीस वृद्धि वापस नहीं ली तो छात्र इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे।
एबीवीपी ने सौंपा तीन सांसदों को ज्ञापन
फीस वृद्धि के खिलाफ एबीवीपी के छात्रों ने सांसद रीता बहुगुणा जोशी,रमेश बिंद और विनोद सोनकर को ज्ञापन सौंपा। सांसदों ने उनके ज्ञापन को स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में अतेंद्र सिंह, शिवम सिंह, आलोक त्रिपाठी, शिवम टप्पल, शिव रंजन, आीलोक राय, आशुतोष मिश्र, सौरभ साह, अभिषेक पटेल आदि शामिल रहे।