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इविवि शोध प्रवेश परीक्षा में जमकर नकल

Fri, 24 Jun 2016 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद व‌िश्वव‌िद्यालय - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय की ओर से बृहस्पतिवार को हुई संयुक्त शोध प्रवेश परीक्षा (क्रेट) अव्यवस्था के भेंट चढ़ गई। परीक्षा के दौरान केंद्रों पर जमकर नकल हुई। नकल का वीडियो वायरल होकर सभी के पास पहुंच गया, यह लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा। परीक्षा के दौरान पांच विषयों के प्रश्नपत्र छपकर नहीं पहुंचने से परीक्षार्थियों ने जमकर हंगामा किया, इस बीच परीक्षार्थियों को फोटोस्टेट प्रश्नपत्र देकर परीक्षा पूरी करवाई गई।
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इविवि शोध प्रवेश परीक्षा (क्रेट) को लेकर जैसी आशंका थी, परीक्षा केंद्रों पर उससे बढ़कर बदइंतजामी दिखाई पड़ी। केंद्रों पर समय से प्रश्नपत्र नहीं पहुंचने से परीक्षा एक घंटे देरी से शुरू हो सकी। इस दौरान परीक्षार्थियों ने जमकर हंगामा किया। परीक्षा केंद्रों पर फिजिक्स, जूलॉजी, स्टेटिक्स, अरबी-फारसी और डेवलपमेंट स्टडीज का प्रश्नपत्र छपकर नहीं पहुंचने पर छात्रों ने हंगामा किया। इस बीच प्रवेश परीक्षा समिति की ओर से प्रश्नपत्र की फोटोकॉपी भेजकर परीक्षा पूरी करवाई गई। फोटोकॉपी परीक्षा केंद्रों पर 10.45 पर पहुंची, इस कारण से इनके बीच बैठे दूसरे विषयों के परीक्षार्थियों को अलग बैठाकर परीक्षा पूरी करवाई गई।
परीक्षार्थियों को दी गई ओएमआर एवं बुकलेट में अलग-अलग नंबर लिखे होने के कारण छात्रों ने आपत्ति की। इसके बाद उन्हें समझाकर उनकी आपत्ति दूर की गई। बुकलेट पर लिखे अंक और ओएमआर उसको भरने के लिए कॉलम कम होने पर भी छात्रों ने आपत्ति की। ओएमआर पर आठ डिजिट का कॉलम था, जबकि बुकलेट पर 10 अंक लिखे थे। उन्हें भरने के लिए परीक्षार्थी परेशान रहे। पूरी परीक्षा के दौरान हंगामा होता रहा, परीक्षार्थियों की सुनने वाला कोई नहीं था। प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. बीएन सिंह अपनी जिम्मेदारी टीसीएस पर डालकर पूरी तरह से पल्ला झाड़ते दिखाई पड़े।
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  परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र तैयार करने की गड़बड़ी भी सामने आई। मैटेरियल साइंस के प्रश्नपत्र में 76 प्रश्न संख्या पर दो अलग-अलग प्रश्न पूछे गए थे। इसी प्रकार होमसाइंस के प्रश्नपत्र में दो सवाल गलत पूछे गए थे। इसे लेकर परीक्षार्थियों ने हंगामा किया।

शोध प्रवेश परीक्षा (क्रे ट) के दौरान परीक्षार्थियों ने रोल नंबर की आगे-पीछे सेटिंग करके जमकर नकल की। परीक्षा के दौरान कक्ष में मोबाइल लेकर पहुंचे किसी परीक्षार्थी ने नकल का वीडियो तैयार कर उसे वायरल कर दिया। इस बात की चर्चा परीक्षा के बाद दिनभर होती रही।

कुलपति प्रो. रतनलाल हांगलू की ओर से प्रो. जगदम्बा सिंह को प्रवेश प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी से हटाकर भूगोल विभाग के प्रो. बीएन सिंह को प्रवेश प्रकोष्ठ का निदेशक बनाए जाने को लेकर शुरू से ही संदेह जताया जा रहा था। उनको निदेशक बनाए जाने का विरोध भी हुआ, इसके बाद भी अपने पर अड़े कुलपति ने किसी की नहीं सुनी और पूर्व में प्रवेश प्रकोष्ठ केनिदेशक रह चुके प्रो. बीएन सिंह पर लगे आरोपों को दरकिनार कर उन्हें प्रवेश की जिम्मेदारी दे दी। आखिरकार क्रेट में इतनी बदइंतजामी के बाद अब देखना है कि शुक्रवार को होने वाली पीजीएटी कैसे पूरी होती है।
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