इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के अंग्रेजी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कुमार पराग और डॉ. एसके शर्मा के बीच हुई मारपीट के मामले में आंतरिक जांच कमेटी गठित की गई है। जांच अवधि में प्रो. एसके शर्मा की जगह प्रो. इंद्राणी मुखर्जी के पास विभागाध्यक्ष पद का प्रभार होगा।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के अंग्रेजी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कुमार पराग और डॉ. एसके शर्मा के बीच हुई मारपीट के मामले में आंतरिक जांच कमेटी गठित की गई है। जांच अवधि में प्रो. एसके शर्मा की जगह प्रो. इंद्राणी मुखर्जी के पास विभागाध्यक्ष पद का प्रभार होगा।
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प्रो. एसके शर्मा और डॉ. कुमार पराग के बीच 25 मार्च की दोपहर अंग्रेजी विभाग के कमरा नंबर-16 में मारपीट हुई थी, इसमें दोनों को चोटें आई थीं। मामले में मुकदमा दर्ज कराने के लिए दोनों पक्षों की ओर से कर्नलगंज थाने में तहरीर दी गई थी।
दोनों पक्षों की ओर से दी गई तहरीर में एक-दूसरे पर अपशब्द कहने, मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए गए थे। प्रो. एसके शर्मा ने तो सोने की चेन और रुद्राक्ष की माला छीनने के आरोप भी लगाए थे।
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वहीं, डॉ. कुमार पराग ने आरोप लगाया था कि प्रो. शर्मा के समर्थक कुछ शिक्षकों व छात्रों ने बेली अस्पताल में लाठी-डंडे व रॉड से उनपर हमला किया। कर्नलगंज पुलिस को भी आंतरिक कमेटी की जांच रिपोर्ट का इंतजार है, ताकि एफआईआर में जांच रिपोर्ट को भी आधार बनाया जा सके।
25 मार्च को अंग्रेजी विभाग में हुई हाथापाई की घटना की जांच के लिए एक आंतरिक जांच समिति का गठन किया गया है। जांच की अवधि के लिए अंग्रेजी और आधुनिक यूरोपीय भाषाओं के विभाग के अध्यक्ष का प्रभार प्रो. इंद्राणी मुखर्जी के पास रहेगा। - प्रो. जया कूपर, पीआरओ, इविवि
विजिटर नॉमिनी को लिखा पत्र
छात्र हरिओम त्रिपाठी ने प्रो. सुशील कुमार शर्मा के साथ हुई घटना को निंदनीय बताया और विजिटर नॉमिनी दीपाली पंत जोशी को पत्र लिखकर उनके लिए न्याय की मांग की है।