फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इलाहाबाद विवि : प्रवेश के लिए नहीं मिल रहे अभ्यर्थी, दर्शनशास्त्र, संस्कृत, उर्दू के लिए नहीं मिल रहे अभ्यर्थी

Sat, 29 Oct 2022 09:49 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इन विषयों में दाखिले के लिए उन सभी अभ्यर्थियों को आमंत्रित किया गया है, जो प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए थे। जिन विषयों में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी नहीं मिल रहे हैं, उनमें मानविकी के साथ प्रोफेशनल पाठ्यक्रम भी शमिल हैं।
विज्ञापन
Prayagraj News : इलाहाबाद विश्वविद्यालय। विजयनगरम हॉल। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) एवं संघटक महाविद्यालयों मेें इन दिनों परास्नातक में प्रवेश लिए जा रहे हैं। दर्शनशास्त्र, उर्दू समेत कई विषयों में दाखिले के लिए अभ्यर्थी ही नहीं मिल रहे हैं। इन विषयों में दाखिले के लिए उन सभी अभ्यर्थियों को आमंत्रित किया गया है, जो प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए थे। जिन विषयों में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी नहीं मिल रहे हैं, उनमें मानविकी के साथ प्रोफेशनल पाठ्यक्रम भी शमिल हैं। इविवि में ही इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज (आईपीएस) के तहत बीए इन फैशन डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी, एमवोक इन मीडिया स्टडीज, पीजीडीसीए, पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड बीसीए एंड एमसीए (डाटा साइंस) में दाखिले के लिए उन सभी अभ्यर्थियों को आमंत्रित किया गया है, जो प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए थे।

विज्ञापन



वहीं, संघटक महाविद्यालयों में मनोविज्ञान, संस्कृत, दर्शनशास्त्र, उर्दू विषय को अभ्यर्थी नहीं मिल रहे हैं। ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में मनोविज्ञान, संस्कृत एवं दर्शनशास्त्र, सीएमपी डिग्री कॉलेज में मनोविज्ञान, संस्कृत एवं उर्दू और इलाहाबाद डिग्री कॉलेज में पेंटिंग, दर्शनशास्त्र एवं संस्कृत में दाखिले के लिए उन सभी अभ्यर्थियों को आमंत्रित किया गया है, जो इन विषयों की पीजी प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए थे।

विज्ञापन

पीसीएस में भी कम हुआ इन विषयों का क्रेज
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े विशेषज्ञ केपी द्विवेदी बताते हैं कि वर्ष 1990 से 1998 के बीच का एक दौर वह भी था, जब पीसीएस में चयनितों में से 50 फीसदी संस्कृत एवं दर्शनशास्त्र जैसे वैकल्पिक विषयों के साथ परीक्षा देते थे। तब दो वैकल्पिक विषय होते थे। दर्शनशास्त्र काफी स्कोरिंग विषय था। केपी द्विवेदी उस वक्त परीक्षा में शामिल हुए थे। उन्हें अपने विषय मानविज्ञान में 276 अंक मिले थे और दर्शनशास्त्र उनके लिए नया विषय था, जिसमें 374 अंक मिले थे। इसके अलावा मनोविज्ञान विषय का आईएएस की परीक्षा में अंग्रेजी माध्यम के अभ्यर्थियों के लिए तो स्कोप है, लेकिन हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों और पीसीएस के अभ्यर्थियों को इसमें कम अंक ही मिलते हैं। उर्दू में भी कम अंक मिलने के कारण विषय का क्रेज कम हुआ है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें