वार्ता के बाद भी नहीं बनी बात, वीसी दफ्तर पर धरना
आज से कुलपति कार्यालय पर आमरण अनशन करने का निर्णय
इविवि में ऑनलाइन परीक्षाएं कराए जाने की मांग पर अड़े छात्र
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में परीक्षाएं ऑफलाइन मोड में होंगी या ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएंगी, इस पर छात्रों का पक्ष जानने के लिए उच्च स्तरीय कमेटी के सदस्यों ने सोमवार को छात्र प्रतिनिधियों से वार्ता की। छात्र प्रतिनिधियों ने ऑनलाइन मोड में परीक्षाएं कराए जाने की मांग दोहराई। हालांकि वार्ता के बाद भी बात नहीं बनी और छात्र कुलपति कार्यालय पर तीन घंटे तक धरने पर बैठे रहे। उन्होंने निर्णय लिया कि मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो आमरण अनशन शुरू कर देंगे।
कुलपति की ओर से विज्ञान संकाय के डीन प्रो. शेखर श्रीवास्तव की अध्यक्षता में गठित नौ सदस्यीय कमेटी और छात्रों के बीच सोमवार को डीन कार्यालय में वार्ता हुई। तकरीबन एक घंटे तक वार्ता चली। कमेटी ने पांच छात्र प्रतिनिधियों को बुलाया था, लेकिन वार्ता के लिए 10 छात्र प्रतिनिधि पहुंचे। वार्ता में शामिल छात्र प्रतिनिधि अजय यादव सम्राट, कर्नल मिश्रा, हरिओम यादव, पूजा बिंद, अभिषेक गुप्ता, शुभांगी यादव, सत्यम कुशवाहा, आसमां चौधरी, आदर्श भदौरिया एवं ऋषभ पांडेय ने कमेटी के समक्ष छात्रों का पक्ष रखते हुए ऑनलाइन मोड में परीक्षाएं कराए जाने की मांग की। छात्र प्रतिनिधि चाहते थे कि कमेटी तुरंत अपना रुख स्पष्ट करें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
स्थिति स्पष्ट न होेने के कारण इस मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। दोपहर दो से तीन बजे तक चली वार्ता के दौरान विज्ञान संकाय के विजय नगरम हॉल के सामने स्थित पार्क पर सैकड़ों छात्र धरने पर बैठे रहे। वार्ता के बाद भी बात नहीं बनी तो छात्र सीधे कुलपति कार्यालय पहुंचे और वहां तीन घंटे तक धरना दिया। तय हुआ कि मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो सभी छात्र कुलपति कार्यालय पर इकट्ठा होकर आमरण अनशन शुरू कर देंगे।
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‘कमेटी के सदस्यों ने छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर उनकी मांगों पर विचार किए जाने का आश्वासन दिया है। साथ ही आंदोलन कर रहे छात्रों से कक्षाओं में वापस जाने का आह्वान भी किया है।’
डॉ. जया कपूर, पीआरओ, इविवि