इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) एवं संघटक महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए दो दिनों के भीतर 13 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराए। हालांकि इनमें से महज दस फीसदी ने ही शुल्क जमा करते हुए आवेदन की प्रक्रिया पूरी की है। हालांकि हर साल आवेदन की यही स्थित रहती है। रजिस्ट्रेशन तो बड़ी संख्या में अभ्यर्थी करा लेते हैं लेकिन आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने के कुछ दिनों बाद शुल्क जमा करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ती है।
आवेदन की अंतिम तिथि तीन मई निर्धारित की गई है और इविवि प्रशासन का अनुमान है कि इस बार सवा लाख आवेदन आएंगे। कॉलेजों में पीएचडी की पढ़ाई शुरू होने, गरीब सवर्ण आरक्षण लागू होने के कारण विभिन्न पाठ्यक्रमों में दस फीसदी सीटें बढ़ाए जाने और कुछ नए पाठ्यक्रम शुरू होने को इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है। इविवि एवं संघटक कॉलेज में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 12 अप्रैल को सुबह चार बजे से शुरू हुई है।
अब तक कुल 13 हजार 475 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा दिया है और इनमें से 1350 अभ्यर्थियों ने आवेदन शुल्क भी जमा कर दिया है। सबसे अधिक 6936 रजिस्ट्रेशन स्नातक में प्रवेश के लिए हुए हैं। वहीं, परास्नातक में प्रवेश के लिए 3532 अभ्यर्थियों के रजिस्ट्रेशन हुए हैं। इसके अलावा एलएलबी एवं बीए एलएलबी में प्रवेश के लिए 1926, संयुक्त शोध प्रवेश परीक्षा के लिए 719 और इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशन स्टडीज के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 362 अभ्यर्थियों के रजिस्ट्रेशन हुए हैं।