विद्या परिषद की बैठक में निर्णय के बाद हुआ संशोधन
राज्य विवि ने स्नातक स्तर की परीक्षा में किया बदलाव
प्रयागराज, 5 दिसंबर। प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के तहत स्नातक स्तर पर उर्दू और रक्षा अध्ययन के पेपरों में पैटर्न में बदलाव कर दिया गया है। इन दोनों पाठ्यक्रमों की परीक्षा में अब बहुविकल्पीय प्रश्न नहीं पूछे जाएगा, बल्कि लिखित परीक्षा होगी। यह संशोधन विद्या परिषद की बैठक में हुए निर्णय के आधार पर किया गया है।
इन दोनों विषयों को छोड़कर स्नातक स्तर बीए, बीएससी, बीकॉम के तीनों वर्षों के बाकी अन्य विषयों की परीक्षा में पिछले वर्षों की तरह इस सत्र 2019-20 में भी बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित (एमसीक्यू पैटर्न) प्रश्नपत्र ही आएंगे। बदलाव केवल बीए पाठ्यक्रम के दो विषयों में किया गया, जिनमें उर्दू और रक्षा अध्ययन शामिल हैं। दरअसल, इससे पूर्व कानपुर विश्वविद्यालय के नियमों के तहत परीक्षा कराई जाती थी। राज्य विश्वविद्यालय के तहत चार जिले प्रयागराज, फतेहपुर, कौशांबी एवं प्रतापगढ़ आते हैं जबकि कानपुर विश्वविद्यालय के तहत जिलों की संख्या कहीं अधिक हैं।
चार जिलों में स्नातक स्तर पर उर्दू और रक्षा अध्ययन के विद्यार्थियों की संख्या काफी कम है जबकि ओएमआर पर परीक्षा कराने का खर्च काफी अधिक है। ऐसे में उर्दू और रक्षा अध्ययन विषय की अब लिखित परीक्षा कराई जाएगी। इसके अलावा बीकॉम द्वितीय वर्ष ओल्ड कोर्स के परीक्षार्थियों के लिए कंपनी लॉ एवं प्रिसिपल्स ऑफ बिजनेस मैनजर और तृतीय वर्ष के ओल्ड कोर्स के परीक्षार्थियों के लिए ऑडिटिंग तथा ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट प्रश्नपत्र बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित होंगे। ओल्ड कोर्स और न्यू कोर्स के पेपरों का नंबर बदल गया है लेकिन दोनों कोर्स की परीक्षाएं एक ही दिन कराई जाएंगी।
राज्य विवि में कॉपियों का मूल्यांकन शुरू
प्रयागराज, 5 दिसंबर। प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय परिसर में एएम हिंदी, समाजशास्त्र और एलएलबी की सेमेस्टर परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन शुरू हो गया है। इन परीक्षाओं में 80 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए थे, सो कॉपियों की संख्या लाखों में है। रोज 16 हजार कॉपियां जांचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनीता यादव की ओर से संबद्ध डिग्री कॉलेजों को पत्र भेजकर कहा गया है कि महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य के लिए कार्यमुक्त करें। इस बार मूल्यांकन एवं अन्य कार्यों में लगे शिक्षकों के लिए टीचर कोड भी अनिवार्य कर दिया गया है।