महापौर की जांच में खुली कलई, रात में 50 रुपये में शराब पार्टी
मुसाफिरों से करते हैं वसूली, जांच के निर्देश, रजिस्टर जब्त, पत्रावली तलब
प्रयागराज। शहर केे रैन बसेरों में मुसाफिरों की सेवा नहीं व्यवसाय किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को महापौर के औचक निरीक्षण में संचालकों की कलई खुल गई। हैजा अस्पताल रैन बसेरे में 15000 रुपये में बारात का जनवासा दिए जाने के प्रमाण मिले। कई कमरे किराए पर उठाए गए हैं। दैनिक मुसाफिर, यात्रियों से सौ से पचास रुपये वसूल किए जाते हैं। लोगों में रात में शराब पार्टी आयोजित किए जाने की शिकायत भी की। महापौर ने जांच के निर्देश देते हुए पत्रावली तलब की और रजिस्टर जब्त कर लिए हैं।
हैजा अस्पताल परिसर स्थित रैन बसेरा पहुंची महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी के साथ वरिष्ठ पार्षद कमलेश तिवारी और पूर्व पार्षद विनय मिश्रा सिंटू रहे। इसका संचालन एक्शन प्वाइंट समिति लखनऊ के जिम्मे है। जांच में बंद मिले कमरों के बारे में पता चला कि उन्हें किराए पर उठाया गया है। कन्हैया, शैलेंद्र, सरपत, अजय,निलेश, शाहित आदि काफी दिनों से यहां रह रहे हैं। इन्हें केयर टेकर सरस और अजय ने पैसे लेकर टिकाया है। पता चला कि बारात के जनवासे के लिए 15000 रुपये एक दिन का वसूल कर व्यवसाय किया जा रहा है। रजिस्टर पर नाम और पते एक ही तरह के मिले। रोगी शयन कक्ष में केयर टेकर का परिवार रहता मिला।
इसी परिसर में दूसरे रैन बसेरे में भी कमरे किराए पर उठाए जाने के प्रमाण मिले। यहां जन सेवा समिति अलीगढ़ संचालन करती है। आलमारियों में ताला बंद था और कमरे में शराब की बोतलें पड़ी थीं। लोगों ने बताया कि सौ या 50 रुपये लेकर रात में शराब पार्टी कराई जाती है। एक कमरे के एवज में 3000 रुपये लिए जा रहे हैं। यहां भी जनवासा व्यवसाय किया जाता है। यहां से लीडर रोड पहुंची महापौर को तमाम खामियां मिली। पोस्टर लगा था कि आईडी देना आवश्यक नहीं है। यहां मिले लोग और केयरटेकर आईडी नहीं दिखा सके। सभी रैन बसेरों में गंदगी फैली मिली। सभी संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। महापौर ने कहा कि बिना पहचान पत्र के लोगों को टिकाना संदेह उत्पन्न करता है।