भाजपा की ओर से उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य के घोषित प्रत्याशी रईस चंद्र शुक्ला और फूलपुर के सांसद केशव प्रसाद मौर्य के बीच दूरी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पार्टी का एक गुट रईस चंद्र शुक्ला को एमएलसी प्रत्याशी के रूप में पसंद नहीं कर रहा है। शायद इसी वजह से रईस के नामांकन जुलूस पार्टी के कुछ बड़े नेता नदारद रहे। इसमें सांसद केशव प्रसाद मौर्य का नाम सबसे ऊपर है। बताया जा रहा है कि कार्यकर्ताओं ने अपनी बात पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत बाजपेयी तक भी पहुंचा दी है। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष ने उम्मीदवार न बदलने की बात कही है। वहीं दूसरी ओर रविवार को रईस चंद्र शुक्ला ने अपना चुनावी कार्यालय दरंभगा कालोनी दुर्गा पूजा पार्क के पास खोल दिया।
बता दें कि रईस शुक्ला को पिछले सप्ताह ही पार्टी ने इलाहाबाद-कौशांबी से एमएलसी प्रत्याशी घोषित किया है। इस पद के लिए दिवाकर त्रिपाठी अपनी दावेदारी ठोक रहे थे। लेकिन पार्टी ने दिवाकर की जगह कारोबारी रईस को उम्मीदवार घोषित कर दिया। अचानक रईस को उम्मीदवार बनाये जाने से पार्टी के कुछ नेता भी हतप्रभ रह गए। इस बीच नामांकन जुलूस की बात आई तो रईस के साथ सांसद श्यामा चरण गुप्ता, विनोद सोनकर आदि ही साथ रहे। जबकि पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थ नाथ सिंह ने रईस के घर जाकर उन्हें बधाई दे दी। वे नामांकन जुलूस और सभा में शामिल नहीं हुए। इस बीच सांसद केशव प्रसाद मौर्य इस पूरी प्रक्रिया से बाहर रहे।
सांसद से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे इलाहाबाद में नहीं थे। रही बात रईस की उम्मीदवारी की तो पार्टी नेतृत्व ने कुछ सोच समझकर ही उनपर दांव लगाया होगा। उधर कार्यकर्ताओं की नाराजगी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत बाजपेयी तक पहुंच गई है। डा. बाजपेयी ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि पार्टी में कार्यकर्ताओं का पूरा सम्मान है। सांसद केशव से भी इस मसले पर बात हो चुकी है। उन्हें रईस की उम्मीदवारी पर कोई आपत्ति नहीं है। उधर रविवार की रात दरभंगा कालोनी में नगर अध्यक्ष शशि वार्ष्णेय ने रईस के चुनावी कार्यालय का उद्घाटन किया। इस मौके पर सांसद श्यामा चरण गुप्त, विनोद सोनकर, रमेश पासी, प्रभाशंकर पांडे, मृत्युंजय तिवारी, देवेंद्र मिश्र आदि मौजूद रहे।