ज्योतिष एवं द्वारका शारदापीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य ब्रह्मचारी निर्विकल्प स्वरूप ब्रह्मचारी ने स्वामी नरेंद्रानंद को शास्त्रार्थ की चुनौती दी है। इस बाबत उनको पत्र भी दिया है जिसमें लिखा है कि आपने हमारे गुरु को शास्त्रार्थ करने की चुनौती दी है जिसे उन्होंने स्वीकार किया है। परंतु आपकी योग्यता उनसे शास्त्रार्थ की नहीं है। ऐसे में उनके प्रतिनिधि के तौर पर हम आपको शास्त्रार्थ का न्योता देते हैं।
शास्त्रार्थ के नियमों का पालन करते हुए इसका स्थान, निर्णायक, विषय, प्रामाणिक ग्रंथ, शास्त्रार्थ की भाषा और शर्तों के बारे में बताएं ताकि शास्त्रार्थ हो सके। उन्होंने कहा कि हमारा स्पष्ट मत है कि काशी सुमेरू मठ भौतिक मठ नहीं है। यदि शास्त्रार्थ में आप विजयी होेते हैं तो हम आपको बतौर सुमेरू मठ का शंकराचार्य स्वीकर कर लेंगे। हारने की स्थिति में हमेशा के लिए शंकराचार्य कहना, कहलवाना बंद करना पडे़गा।