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बढ़ा जलस्तर, कम हुआ प्रदूषण

Mon, 08 Feb 2016 01:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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यह तय है कि गंगा में जल की मात्रा बढ़े तो इसमें प्रदूषण अपने आप खत्म हो जाएगा। इसका ताजा उदाहरण है गंगा में बायो-केमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) की मात्रा नियंत्रित होना। कुछ दिनों में गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ उसमें बीओडी भी कम होकर तीन से चार मिलीग्राम प्रतिलीटर के बीच आ गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों के मुताबिक  स्नानयोग्य गंगाजल में बीओडी का स्तर तीन मिलीग्राम प्रति लीटर होना चाहिए और वर्तमान में यह उसी के आसपास है। मुख्य स्नान पर्व मौनी अमावस्या के ठीक पहले गंगाजल में प्रदूषण कम होना श्रद्धालुओं के लिए किसी सौगात से कम नहीं है।
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गंगा में प्रदूषण का बड़ा कारण उसमें जल बेहद कम होना है। बमरौली से फाफामऊ के बीच में कई जगह गंगा में जल कितना कम है कि नदी को दौड़ कर पार किया जा सकता है। हालांकि, नरौरा से पानी छोड़े जाने के बाद गंगा में जलस्तर बढ़ने लगा, जिससे उसमें बीओडी के स्तर में सुधार आने लगा। वैसे गंगा के लिए यह फौरी राहत है। माघ मेला खत्म होने के बाद फिर जलस्तर कम होगा। इसकी वजह से प्रदूषण की मात्रा खतरनाक रूप से बढ़ेगी।
माघ मेला शुरू होने के पहले तक गंगा में बीओडी की मात्रा छह-सात मिलीग्राम प्रतिलीटर तक दर्ज की जा रही थी। रसूलाबाद, शास्त्री पुल और वहां से मुख्य संगम तक बीओडी तीन से चार मिलीग्राम प्रति लीटर के बीच दर्ज किया गया।
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