नगर निगम की सभी सेवाओं की रियल टाइम मॉनीटरिंग एेंड सर्विस इम्प्रूवमेंट के उद्देश्य से आईबीएम ने बृहस्पतिवार को इंट्रीग्रेटेड ऑपरेशन सेंटर (कमांड सेंटर) की स्थापना एवं संचालन का प्रेजेंटेशन किया। नगर निगम में महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी एवं नगर आयुक्त देवेंद्र कुमार पांडेय की मौजूदगी में आईबीएम के विशेषज्ञों ने नगर निगम, जलकल विभाग, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई, पुलिस, ट्रैफिक पुलिस समेत अन्य विभागों की सभी सूचनाएं सिंगल डैशबोर्ड पर प्राप्त करने करते हुए उसकी मॉनीटरिंग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इन सुविधाओं में किसी तरह की समस्या होने और सेंटर के जरिए उसे तत्काल पता चलने तथा समय रहते ठीक किए जाने के बारे में बताया।
आईबीएम के प्रतिनिधियों अशोक मिश्रा, हिमांशु शेखर एवं शशांक ने बताया कि सड़क, स्ट्रीट लाइट, जलापूर्ति, सफाई, कूड़ा प्रबंधन, सीवरेज सिस्टम, ट्रांसपोटेशन, सुरक्षा, फायर बिग्रेड आदि की सभी डिटेल कमांड आपरेशन सेंटर में होगी। कहीं धरना-प्रदर्शन हो रहा है और वहां कितनी भीड़ है, यह भी एक ही स्थान पर बैठक कर पता किया जा सकेगा। इससे जुड़ी समस्याएं तत्काल सेंटर तक पहुंचे, इसके लिए सीसी कैमरे, सेंसर समेत अन्य हाईटेक तरीके अपनाए जाएंगे। बताया कि किसी भी समस्या को लेकर ज्यादा शिकायतें आ रही होंगी तो वह सेंटर के सिस्टम में अलग से प्रदर्शित होने लगेगी।
प्रतिनिधियों ने बताया कि सेंटर में बैठने वाले लोग हर वक्त स्थिति पर निगरानी रखेंगे और जिस भी विभाग से जुड़ी समस्या हो, उसे तत्काल सूचित करेंगे, ताकि समस्या का तत्काल समाधान हो सके। इससे समय की बचत के साथ बेहतर नागरिक सुविधाएं मिलेंगी। कमांड ऑपरेशन सेंटर बनाने और उसे संबंधित सुविधाओं से जोड़ने में पांच से सात करोड़ रुपये व्यय होंगे।
महापौर ने कहा कि सेंटर बनने से निश्चित ही सुविधाएं बढ़ेंगी। हालांकि आर्थिक तंगी से जूझ रहे नगर निगम के लिए इतनी रकम की भी व्यवस्था करना मुश्किल है। प्रेजेंटेशन के दौरान नगर आयुक्त ने आईबीएम के प्रतिनिधियों से इसके लिए रकम की व्यवस्ता यूएसटीडीए से करने को कहा। इसमें अपर नगर आयुक्त विपिन कुमार मिश्र, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्र, पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान, आईटी ऑफिसर मणि शंकर त्रिपाठी, विधि सलाहकार एसएल यादव मौजूद थे।