इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रवेश समिति की बृहस्पतिवार को हुई बैठक में ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा कराए जाने पर मुहर लग गई। इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रवेश समिति के निदेशक प्रो. जगदंबा सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि स्नातक, परास्नातक, एलएलबी, क्रेट सहित सभी प्रवेश परीक्षाएं ऑनलाइन कराई जाएगी। प्रवेश समिति ने परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़ा पकड़ने के लिए बायोमेट्रिक से परीक्षा कक्ष में प्रवेश देने फैसला किया है।
प्रवेश समिति की बैठक के बाद निदेशक प्रो.जगदंबा सिंह ने बताया कि विवि में सभी प्रवेश अब ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के जरिए होंगे। ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा में प्रश्नों को पूछने की व्यवस्था आब्जेक्टिव होने के कारण अब परास्नातक, एलएलबी और संयुक्त शोध प्रवेश परीक्षा (क्रेट) में लिखित परीक्षा की व्यवस्था खत्म कर दी गई है।
प्रवेश समिति के निदेशक ने बताया कि प्रवेश परीक्षा के लिए देश के सभी राज्यों में एक-एक परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। जिस राज्य के परीक्षा केंद्र पर 20 से कम परीक्षार्थी होंगे, वहां के परीक्षार्थियों को पड़ोसी राज्य के केंद्र पर भेज दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के केंद्र बनाए जाएंगे। छात्राओं एवं विकलांग अभ्यर्थियों के लिए उनके जिले में ही परीक्षा केंद्र बनाने को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रवेश परीक्षा पांच दिनों में पूरी कराई जाएगी।
प्रवेश समिति ने फैसला किया है कि ऑनलाइन आवेदन पर परीक्षार्थी के अंगूठे का निशान लिया जाएगा। प्रवेश परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक इंट्री होगी। अंगूठा निशान जांचने के बाद परीक्षा कक्ष में प्रवेश मिलेगा।
इविवि प्रवेश समिति ने एमए की प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए स्नातक अंतिम वर्ष के विषय की अनिवार्यता खत्म कर दी है। अब बीए के विषय से ही एमए करने का बंधन खत्म हो गया है। यह छूट केवल एमए के छात्राें को दी गई है। बीएससी-बीकॉम के छात्रों को यह छूट पहले से मिली है।