फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बासमती धान की फसल 90 दिन में होगी तैयार

Thu, 04 Feb 2016 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
बासमती धान की फसल को तैयार होने में अब 120 दिन नहीं लगेंगे। मात्र 90 दिन में फसल तैयार हो जाएगी। मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) के वैज्ञानिकों ने धान की ऐसी प्रजाति तैयार की है। इतना ही नहीं डॉ.एनके सिंह के नेतृत्व में विकसित इस बीज से तैयार फसल में जिंक और आयरन की कमी भी दूर होगी। वहीं पाचन क्रिया में प्रभावित करने वाली फाइटिक एसिड की मात्रा कम होगी। डॉ.सिंह ने बताया कि धान की यह प्रजाति तैयार कर ली गई है।
विज्ञापन


संस्थान के बायो टेक्नोलॉजी विभाग में बृहस्पतिवार से तीन दिनी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘बायोसंगम’ शुरू होगा। सम्मेलन में इस रिसर्च पर भी चर्चा होगी। कोऑर्डिनेटर डॉ.अंजना पांडेय ने बुधवार को प्रेसवार्ता में ‘बायोसंगम’ के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विभाग में हो रहे अन्य शोध कार्यक्रमों के बारे में भी विस्तार से बताया। डॉ.अंजना ने बताया कि ऐसे सेंसर विकसित किए जा रहे हैं जिनकी मदद से ब्लड की जांच करके कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का शुरू में ही पता लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इसमें लगे नैनो मार्कर बीमारी का लेवल बताने में सक्षम होते हैं।

डॉ.अंजना ने बताया कि विभाग की ओर से आउटरिच प्रोग्राम शुरू होने जा रहा है। इसमें बीटेक और एमटेक के विद्यार्थियों के ग्रुप बनाए गए हैं। विद्यार्थी गांवों में जाकर खेती, स्वास्थ्य आदि के क्षेत्र में हो रहे शोध परिणामों से ग्रामीणों को सीधे होने वाले लाभ के प्रति जागरूक करेंगे। उन्होंने बताया कि इस बार बायोसंगम का मकसद भी इस तरह की पहल को विस्तार देना है। ट्रांसलेशनल बायोटेक्नोलॉजी विषय पर होने वाले इस सम्मेलन में इसी बात पर चर्चा होगी कि  रिसर्च का सीधे लाभ लोगों तक कैसे पहुंचाया जाए। इस तरह के रिसर्च परिणामों का वर्गीकरण भी किया जाएगा। उन्हाेंने बताया कि ‘बायोसंगम’ में स्पेन के प्रोफेसर लुइस मेड्रिड, आस्ट्रेलिया के प्रोफेसर ड्यूक, प्रोफेसर अशोक पांडेय समेत 40 विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे। इनके अलावा देश भर से जुटे शोधार्थी शोधपत्र पढ़ेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें