यमुनापार के इरादतगंज फ्लाईओवर पर हुए सड़क हादसे मे तीन लोगों की मौत ने दो परिवार की खुशियां छीन ली। एक ओर जहां संतोष और राधा की मौत से उनकी पांच साल की बेटी के सिर मां-बाप का साया उठा गया। वहीं महेश की पत्नी ममता और दो साल के बेटे का सहारा छीन गया। हादसे की खबर मृतकों के घर पहुंची तो कोहराम मच गया।
पनासा के उपरहार गांव का महेश दो भाइयों में बड़ा था।
वह मुंबई में रहकर बढ़ई का काम करता था। वह बूढ़े मां-बाप का सहारा था। वह घर का इकलौता कमाने वाला था। महेश के मौत की खबर घर पहुंची तो कोहराम मच गया। पत्नी ममता का रोकर बुरा हाल था। महेश की शादी गांव में हुई थी। उसके दो साल का एक बेटा भी है। पति के मौत की खबर सुनकर ममता बेसुध हो गई। वहीं संतोष घर पर ही रहकर बढ़ई का काम करता था। संतोष और राधा के एक पांच साल की बेटी है। पति-पत्नी की मौत से मासूम बेटी के सिर से मां-बाप का साया उठ गया। हादसे ने दो परिवार की खुशियां छीन ली।
ट्रैफिक नियम की अनदेखी करना दो परिवार के लिए महंगा पड़ गया। संतोष, राधा और महेश एक ही बाइक पर थे। महेश बाइक चला रहा था। उसने हेलमेट भी नहीं पहना था। ट्रिपलिंग और हेलमेट न पहनने की गलती भारी पड़ गई। हादसे के बाद पहुंचे आसपास के लोगों ने बताया कि महेश की सांस चल रही थी। उसके सिर में गंभीर चोट थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक उसने हेलमेट पहना होता तो उसकी जान बच सकती थी।