शहर के गोविंदपुर मोहल्ले में बृहस्पतिवार रात एक सीए ने घर के एक कमरे में पंखे के चुल्ले में रस्सी का फंदा बनाकर फांसी पर लटक गया। शुक्रवार सुबह पिता बेटे को जगाने पहुंचा तो कमरे में बेटे का शव लटकता देख चीख पड़े। सूचना पर शिवकुटी पुलिस पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पिता ने बताया कि मां की मौत से बेटा काफी दु:खी रहता था। इसी परेशानी के चलते उसने ऐसा कदम उठाया है।
गोविंदपुर के एलआईजी कॉलोनी के रहने वाले आमोल कुमार रेलवे से रिटायर हैं। उनका बेटा मृत्युजंय घोष(45) सीए था। सालभर पहले आमोल की पत्नी शिप्रा की मौत हो गई। मां की मौत से मृत्युंजय को गहरा सदमा लगा। वह घर में अकेले गुमसुम रहने लगा। नौकरी भी छोड़ दिया। आमोल शुक्रवार सुबह सोकर उठे तो बेटे को जगाने पहुंचे। कमरे का दरवाजा खटखटाने के बाद भी आवाज नहीं आई तो रोशनदान से झांक कर देखा।
अंदर कमरे में बेटे को फांसी पर लटकते देख पिता की आंखों से आंसू निकल आए। वह चीख कर रोने लगे तो पड़ोस के लोग पहुंचे। सूचना पाकर शिवकुटी पुलिस भी पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसओ शिवकुटी अरविंद तिवारी ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। मां की मौत के बाद से मृत्युंजय बहुत दु:खी रहता था। आशंका है कि इसी सदमे के चलते उसने ऐसा कदम उठाया। वह पिता के साथ अकेले रहता था। बताया जाता है कि मृत्युंजय की शादी हुई थी। लेकिन पत्नी से भी अलगाव हो गया था।